जम्मू कश्मीर में नशा तस्करी में बार-बार पकड़े जाने वाले तस्कर अब एक साल के लिए जेल में जाएंगे। जैसे किसी कुख्यात अपराधी पर पुलिस की सिफारिश पर जिला प्रशासन पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) लगाकर उसे एक से दो साल के लिए जेल में डालता है। ठीक इसी तरह अब बार-बार नशा तस्करी में पकड़े जाने वाले कुख्यात नशा तस्करों पर प्रिवेंशन ऑफ इलीक्टि ट्रैफिकिंग नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक (पीआईटीएनडीपीएस) एक्ट लगाया जाएगा।
इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। पिछले 20 दिन में ऐसे तीन कुख्यात तस्करों पर उक्त एक्ट लगाया गया है। इसके बाद इन लोगों को एक साल के लिए सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। जिले के सभी थानेदारों से कहा गया है कि वह अपने अपने इलाके में सक्रिय सभी बड़े नशा तस्करों की पहचान करें। ऐसे तस्करों को चिन्हित करें, जिन पर पहले से 4 से 5 मामले चल रहे हों और वह अब भी लगातार इस तरह की तस्करी में शामिल हों। इनको गिरफ्तार करें और इनकी सिफारिश जिला प्रशासन से करें, ताकि इन पर पीआईटीएनडीपीएस लगाकर जेल में भेजा जाएगा। हाल ही में मीरां साहिब में दो लोगों पर पीआईटीएनडीपीएस लगा है, जबकि एएनटीएफ ने भी एक आरोपी पर पीआईटी लगाया था।
क्या है पीएसए, पीआईटीएनडीपीएस
जब कोई अपराधी बार बार किसी अपराध में संलिप्त हो, तो संबंधित पुलिस इसका डोजियर तैयार करती है। इसमें बताया जाता है कि उक्त अपराधी समाज के लिए खतरा बन चुका है, जिसका बाहर रहना समाज के लिए खतरा है। लिहाजा इसे एक साल या दो साल के लिए पीएसए लगाकर जेल में रखा जाए। पीएसए के तहत एक दो साल जेल में ही रहना पड़ता है। ठीक पीएसए की तरह ही पुलिस ने नशा तस्करों को भी समाज के लिए खतरा बताया है। इसलिए अब जो कोई भी तस्कर नशा तस्करी के 4 से 5 मामलों में पाया जाता है। उस पर पीआईटीएनडीपीएस लगाने की सिफारिश की जा रही है।
हर थाना क्षेत्र में 6 से 7 कुख्यात तस्कर सक्रिय
सूत्रों का कहना है कि जिले के लगभग सभी 27 थाना क्षेत्रों में ऐसे 6 से 7 कुख्यात तस्कर सक्रिय हैं, जो बार-बार नशा तस्करी में सक्रिय हो रहे हैं। इन पर पुलिस की पैनी नजर है। इनकी कुंडली पुलिस ने निकाली हुई है और इन पर कार्रवाई करने के लिए गिरफ्तारी करने के लिए जगह जगह छापे मारने और विशेष नाके स्थापित करने के लिए कहा गया है।
नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की जरूरत
इस समय सबसे अधिक चुनौती नशा तस्करी बन चुकी है। ऐसे में नशा तस्करों पर सख्ती की जरूरत है। इसलिए ऐसे तस्करों की पहचान की जा रही है, जो बार-बार नशा तस्करी में शामिल हो रहे हैं। इन पर सख्त कार्रवाई के लिए पीआईटीएनडीपीएस लगाने की सिफारिश की जाएगी, ताकि शहर में नशे की चेन चलाने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
-चंदन कोहली, एसएसपी, जम्मू।