पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण नौशेरा क्षेत्र में लोग भारी डर और आशंकाओं के बीच बंकरों और सुरक्षित स्थानों पर रह रहे हैं, जहां कई मकान क्षतिग्रस्त हुए और संचार सेवा भी प्रभावित हुई। सेना ने उन्हें सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी।
सीजफायर होने के बाद भी नौशेरा के लोग आश्वस्त नहीं हो पा रहे हैं कि वह घर लौटें या कुछ दिन इंतजार करें। उनका रविवार का दिन भी आशंकाओं में ही बीता। हर समय उन्हें यही लग रहा है कि पता नहीं किधर से कोई शेल या मोर्टार आ गिरे।भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते पाकिस्तानी गोलाबारी से भारी संख्या में लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
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लोगों ने बंकरों और सुरक्षित जगहों का सहारा लिया हुआ है। रविवार को भी लोग सुरक्षित ठिकानों पर ही रहे। अशोक कुमार और सुभाष चंद्र ने बताया कि शुक्रवार की रात जोरदार गोलाबारी से बहुत से मकान टूटे और मवेशी घायल हुए। पाकिस्तानी गोलाबारी के बाद बहुत सारे मोबाइल टावर भी क्षतिग्रस्त हुए। इससे संचार सेवा भी प्रभावित हुई।
रविवार देर शाम तक इनकी मरम्मत कर सर्विस बहाल की गई।लोगों ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान पर कोई भरोसा नहीं है। नौशेरा, नौनयाल, थाती, राजल, नारीया, सेर, मकडी, सरया, खंबा, लाम, लडको, पुखरनी, बाबा खोडी, कलाल आदि क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है। सेना ने सुरक्षित जगहों पर रहने के लिए कहा है। शरणार्थी शिविरों में रह रहे लोगों को अन्य सुरक्षित स्थानों में प्रशासन द्वारा पहुंचाया गया है।