निर्मल देवी का परिवार अपने पालतू कुत्ते माइकल को जान बचाने के लिए धन्यवाद दे रहा है। कुत्ते के तेज भौंकने से वह और उनकी पोती सतर्क हो गई थी, जिससे उन्हें गड़बड़ी का अहसास हो गया था। ढांगरी में आतंकी हमले में छह लोगों की जान चली गई थी।
राजोेरी के ढांगरी गांव में आतंकी हमले के चंद मिनट पहले पालतू कुत्ते माइकल ने तीन परिवारों को सतर्क कर जान बचाई है। आतंकियों ने उसको भी गोली मारी थी, लेकिन वह बच गया था। जानकारी के अनुसार रविवार को डांगरी गांव में आतंकवादियों ने चार घरों को निशाना बना कर अंधाधुंध गोलीबारी की थी।
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इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के चार लोग मारे गए और छह घायल हो गए थे। निर्मल देवी का परिवार अपने पालतू कुत्ते माइकल को जान बचाने के लिए धन्यवाद दे रहा है। कुत्ते के तेज भौंकने से निर्मल देवी और उनकी पोती सतर्क हो गई थी, जिससे उन्हें गड़बड़ी का अहसास हो गया था।
इसके कुछ समय बाद ही एके-74 की गोलियों की आवाज आनी शुरू हो गई। निर्मल ने बताया कि मैं और मेरी पोती रसोई में थे, जब पालतू कुत्ते ने तेज भौंकना शुरू कर दिया। पोती ने मुझे बताया कि खतरा होने पर ही माइकल ऊंची आवाज में भौंकता है। वह घर के मुख्य द्वार के पास बंधा हुआ था।
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शायद उसने आतंकवादियों को परिसर में आते देख लिया था और ऊंची आवाज में भौंक कर परिवार को सतर्क किया था। मैं चिंतित हो कर उस कमरे की ओर भागी जहां पति सोये थे। मैंने कमरे में बाहर से कुंडी लगा दी और फिर मुख्य द्वार पर ताला लगाने के लिए दौड़ी।
तब तक आतंकी गेट के माध्यम से प्रवेश कर चुके थे और परिसर में थे। आतंकियों ने माइकल पर गोली चलाई लेकिन वह बाल-बाल बच गया। जिस स्थान पर उसे बांधा गया था, वहां आज भी गोलियों के निशान हैं। इसके बाद दो आतंकी एक कमरे में घुसे और टेलीविजन पर गोलीबारी कर भाग गए।
निर्मल देवी ने कहा कि माइकल की सतर्कता ने उनके परिवार को बचा लिया। आतंकवादियों को अहसास हुआ कि अंदर कोई नहीं है और वे कमरे में नहीं घुसे। माइकल के भौंकने से बगल में रहने वाले दो परिवार भी सतर्क हो गए उन्होंने भी अपने घरों के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए। लगता है कि कुत्ते के कारण अन्य लोग जीवित हैं। माइकल ने कई लोगों की जान बचाई है।