अवाम के अवाज के दौरान एलजी मनोज सिन्हा
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जम्मू कश्मीर भूकंपीय क्षेत्र के बाहर आपदा रिकवरी केंद्र की स्थापना की जाएगी। इस केंद्र का पांच वर्ष तक रखरखाव किया जाएगा। इस परियोजना को सभी प्रमुख विभागों और कार्यालयों में ई आफिस साफ्टवेयर को अपनाने और शुरू करने के एक हिस्से के रूप में माना गया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में आपदा रिकवरी केंद्र की स्थापना के लिए मंजूरी दी गई।
ई आफिस सहित सरकार की डिजिटल सेवाएं जम्मू में डेटा सेंटर में प्राथमिक साइट पर स्थापित सर्वर से संचालित होती हैं।लेकिन भूकंपीय क्षेत्र के बाहर आपदा रिकवरी केंद्र की स्थापना से सुरक्षा मिलेगी। इसमें डेटा को सुरक्षित बनाया जाएगा।
आपदा से संबंधित रुकावटों को कम करने के लिए एक डिजास्टर रिकवरी योजना होना महत्वपूर्ण है, जो आपदा रिकवरी साइट की स्थापना को प्रणाली का एक अनिवार्य हिस्सा बनाता है, खासतौर पर जब सरकार का पूरा कामकाज डिजिटल हो रहा हो। आपदा रिकवरी योजना का लक्षय तकनीकी संचालन को बनाए रखने में बाढ़, आग, भूकंप व अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों जैसी आपदाओं की स्थिति में सरकारी व्यवसाय को संचालित करने की क्षमता को जल्दी से बहाल करना है। बैठक में सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता, प्रधान सचिव मंदीप कुमार भंडारी मौजूद रहे।