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जम्मू-कश्मीर डीजीपी: आतंकी समूहों में शामिल होने वालों की संख्या में दर्ज की गई गिरावट, दूर हो रहे स्थानीय लोग

Thu, 22 Jul 2021 09:49 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

इस प्रवृत्ति पर समाज और सुरक्षा एजेंसियों को नजर रखने की जरूरत।
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डीजीपी दिलबाग सिंह - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस साल आतंकी समूहों में शामिल होने वाले स्थानीय लोगों की संख्या में गिरावट आई है। इसके बावजूद कुछ हद तक यह दुर्भाग्यपूर्ण प्रवृत्ति अभी जारी है, इस पर समाज और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से और नजर रखे जाने की जरूरत है। यह बात जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने वीरवार को कही। एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में डीजीपी ने कहा कि इस साल आतंकी समूहों में शामिल होने वाले स्थानीय युवाओं की संख्या 85 से गिरकर 69 हो गई है।

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इस दौरान ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के नेटवर्क पर कार्रवाई के दौरान अलग-अलग समय पर 417 लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उन्हें आकर्षित करने वाली योजनाओं पर निरंतर काम कर रहे हैं तथा युवाओं को कट्टर बनाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर इस समस्या का समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस ऐसे तत्वों पर कार्रवाई करने में सफल रही है जो युवाओं को आतंकवाद में फंसाने के लिए जिम्मेदार थे। हालांकि, समाज के भीतर और कुछ अन्य एजेंसियों से बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। यह एजेंसियां युवाओं को विनाश के रास्ते से दूर ले जाने के साथ ही उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ रही हैं। इसके लिए काम कर रही सभी सरकारी एजेंसियों को और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।
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डीजीपी ने कहा कि इस संबंध में कुछ सुखद घटनाएं सामने आई हैं। आतंकवाद के रास्ते पर चलने के लिए घर से निकले बड़ी संख्या में युवाओं को वापस लाया गया। लगभग 30 युवा परिवारों में लौट गए। पुलिस के प्रति आम जनता में विश्वास बढ़ा है। अब किसी भी युवा के लापता होने पर जनता पुलिस को रिपोर्ट करती है और विशेष रूप से माता-पिता अपने बच्चों को वापस लाने में मदद करने के लिए जिस प्रकार पुलिस के पास पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि जो लोग मुख्यधारा में वापस आते हैं उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा, वे खुशी-खुशी अपने परिवारों के साथ शामिल हो जाएंगे।

यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: आरटीपीसीआर की बढ़ेगी क्षमता, पांच जिलों में जल्द शुरू होंगी नई लैब

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श्रीनगर में ठोस अभियान शीघ्र
श्रीनगर शहर में हाल के हमलों पर डीजीपी ने स्वीकार किया कि आतंकवादी शहर में अपना पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम उनकी योजनाओं को विफल करने में सक्षम हैं। जो कोई भी आता है और शहर में अपना आधार स्थापित करता है, उसे देर-सबेर निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पिछले साल शहर में 17 एनकाउंटर किए थे और इस साल भी करीब 3 से 4 एनकाउंटर हो चुके हैं। हमें लोगों के बारे में जानकारी मिल रही है और हम उनका पीछा कर रहे हैं। बहुत जल्द आप श्रीनगर शहर में एक और ठोस अभियान के बारे में सुनेंगे।

घाटी में 200 आतंकी
पुलिस प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की संख्या 300 से घटकर लगभग 200 हो गई है। इसमें 60 से 70 विदेशी आतंकवादी हैं। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस वर्ष 120 की तुलना में केवल 84 घटनाएं हुई हैं। इसमें 30 फीसदी की गिरावट दिख रही है। जब हम कानून-व्यवस्था की स्थिति की बात करते हैं, तो पिछले साल की अवधि में 100 घटनाओं की तुलना में 48 घटनाएं हुई हैं, जो 52 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है, जिसके लिए हम इससे बहुत संतुष्ट हैं।

इस वर्ष अब तक 83 आतंकी मारे
सिंह ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियान शांति के माहौल को बढ़ाने और आतंकवादियों और उनके गुंडों और सहयोगियों द्वारा बनाए गए लोगों के मन से डर से छुटकारा पाने के हमारे प्रयासों को मजबूत करने के लिए हैं। हम कोविड चुनौती के बावजूद इस गति को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं हमने बड़ी संख्या में ऑपरेशन करने की कोशिश की है। चालू वर्ष के दौरान 34 से अधिक ऑपरेशन किए गए हैं, इस वर्ष के दौरान 83 आतंकवादी मारे गए हैं जिनमें लगभग आधा दर्जन विदेशी आतंकवादी शामिल हैं।
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