जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने रोपवे नेटवर्क के विकास के लिए शनिवार को नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इससे दूरदराज के पहाड़ी इलाकों तक लोगों की पहुंच आसान होगी। साथ ही परिवहन के वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध हो सकेंगे।
इस अवसर पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देने के अलावा मौजूदा गतिशीलता समस्या का समाधान होगी। लंबे समय में यह टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली शहरी स्थानों में भीड़भाड़ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तावित रोपवे परियोजना दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाएगी। यह जम्मू-कश्मीर के दूरस्थ और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहने वाली आबादी के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए एक व्यापक रोपवे नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्पादन, व्यापार को बढ़ाने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए कनेक्टिविटी को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के तेजी से सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन प्रतिबद्ध है। कहा कि जम्मू-कश्मीर में सड़क नेटवर्क का बड़े पैमाने पर उन्नयन हो रहा है। एक लाख करोड़ रुपये की चल रही ढांचागत परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर की वास्तविक विकास क्षमता को अनलॉक करने में सक्षम होंगी। उन्होंने परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए हर कदम पर एनएचएलएमएल को यूटी प्रशासन के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
राजभवन में समझौता पत्र पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी रोहिन गुप्ता, पीडब्ल्यूडी के विकास आयुक्त मंजूर हुसैन ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता व सड़क परिवहन व हाईवे मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरमाने मौजूद थे।