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जम्मू-कश्मीर में निवेशकों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्रांति लाने के लिए निवेशकों को नई उद्योग भूमि आवंटन नीति 2021-30 के तहत जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सिडको और सिकॉप की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में 361 इकाइयों के लिए करीब तीन हजार कनाल भूमि आवंटित कर दी गई है। जम्मू संभाग में जिला कठुआ, सांबा, किश्तवाड़, उधमपुर आदि में भूमि आवंटित की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के पास करीब 550 निवेश इकाइयों को भूमि देने के लिए लगभग जमीन तैयार है। इसमें करीब 6 हजार कनाल भूमि आवंटित की जाएगी। मार्च में जम्मू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेश में 25 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव को जमीन पर उतारने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शिरकत करना प्रस्तावित है।
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उद्योग विभाग की ओर से हाल ही में रैंकिंग के आधार पर 750 से अधिक आवेदकों की सूची जारी की गई थी। इसमें कम जमीन, अधिक रोजगार, अधिक निवेश सहित अन्य शर्तों को पूरा करने वाले निवेशकों को भूमि आवंटन में प्राथमिकता दी जा रही है।
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बड़ी औद्योगिक इकाइयों ने 15 सौ
तक रोजगार देने का किया है दावा
कई बड़े उद्योग घरानों ने अपनी इकाइयों में 1000-1500 तक लोगों को रोजगार देने का दावा पेश किया है। उद्योग विभाग के पास करीब पचास हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। जिसमें डीपीआर में रोजगार सृजन क्षमता, निवेश (करोड़ में), कितनी भूमि की जरूरत, सूक्ष्म/लघु/मध्यम (एमएसएमई), प्रदूषण श्रेणी आदि को पेश किया गया है। हालांकि निवेश की तुलना में उद्योग विभाग के पास औद्योगिक संपदा के लिए तैयार जमीन की कमी है। जिसमें एक बड़े हिस्से में फास्टट्रैक पर औद्योगिक भूमि का विस्तार किया जा रहा है। बताया जाता है कि कठुआ में ही 1400 कनाल जमीन है, जिसमें 1200 कनाल भूमि का विस्तार हुआ है। रावी के किनारे बारथली क्षेत्र (कठुआ) में भी तीन हजार कनाल राज्य भूमि लेने की प्रक्रिया चल रही है।
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औद्योगिक संपदाओं का विस्तार किया जा रहा : एमडी
सिडको, सिकॉप की एमडी समिता सेठी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नई औद्योगिक संपदाओं का निर्माण किया जा रहा है। निवेशकों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नई इकाइयों के शुरू होने से रोजगार के साधन बढ़ेंगे।
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