नशे की हालत में सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करने वालों को अब अनोखी सजा मिलेगी। जेल जाने की जगह धार्मिक या फिर सार्वजनिक स्थलों की कई दिन साफ सफाई करनी पड़ेगी। जिला पुलिस ने ऐसे ही कई मामलों में जब आरोपियों को अदालत में पेश किया गया तो अदालत ने सजा देने की जगह सफाई करने के आदेश दिए।
ताजा मामला सिद्धड़ा क्षेत्र का है। पुलिस ने सार्वजनिक रूप से नशा करने और अव्यवस्थित आचरण के लिए बजालता के रहने वाले लेख राज और अशोक सिंह को गिरफ्तार किया। इन्हें विशेष आबकारी मोबाइल मजिस्ट्रेट जम्मू की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने इन्हें सजा सुनाने की जगह सुधारात्मक सजा दी। लेखराज और अशोक सिंह को 10 दिनों तक प्रतिदिन एक घंटे निकटतम अस्पताल में सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया गया है।
नए आपराधिक कानूनों के तहत यह प्रावधान छोटे अपराधों के लिए पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी पर जोर देता है, जो सजा के बजाय सुधार को बढ़ावा देता है।वहीं, इसी तरह के एक अन्य मामले में 17 फरवरी को कोट गढ़ी गांव के रहने वाले अमित मेहरा को नशे की हालत में सार्वजनिक उपद्रव करते पाया गया था।
मोबाइल मजिस्ट्रेट ने उन्हें 27 फरवरी तक कुल सात दिनों के लिए अखनूर स्थित वृद्धाश्रम में सामुदायिक सेवा करने का भी निर्देश दिया। बता दें कि जिले में पहला मामला झज्जर कोटली क्षेत्र में पेश आया था। यहां दो व्यक्तियों को अदालत ने पार्क और अस्पताल में एक हफ्ते के लिए साफ सफाई करने का निर्देश दिया था। अभी दो दिन पहले अखनूर में भी दो लोगों को ऐसा ही करने पर सार्वजनिक जगहों की सफाई करने के लिए कहा था।