कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर देश हो या प्रदेश कहर बनकर टूटी है। पहले से कहीं ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं और मौतों का आंकड़ा भी दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कोरोना को हराकर स्वस्थ होने वालों में एंटी बॉडी विकसित हो जाती है। क्या उन्हें निगेटिव लोगों के मुकाबले स्वास्थ्य निर्देशावली का ज्यादा पालन नहीं करना चाहिए।
इस बारे में कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर दीपक अबरोल ने कहा कि कोरोना वायरस की संक्रमण की चपेट में आने और स्वस्थ होने के बाद भी संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। नए-नए स्ट्रेन आ गए हैं। पॉजिटिव से निगेटिव होने वालों को भी पूरा एहतियात और स्वास्थ्य निर्देशावली का पूरी तरह से पालन करना है।
मास्क, सैनिटाइजर और बार-बार साबुन से हाथ धोने की आदत बनाए रखनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहना होगा। डॉ. दीपक अबरोल ने कहा कि कोरोना काल में कैंसर मरीजों को तीन समूहों में बांटकर उपचार किया जा रहा है। उच्च प्राथमिकता वाले मरीजों को तत्काल इलाज किया जा रहा है।
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वहीं लो प्राथमिकता वर्ग में दवाइयां उपलब्ध करवाकर उनका उपचार किया जा रहा है। कैंसर मरीज कोरोना संक्रमण की चपेट में आसानी से आ सकते हैं और इससे उनके स्वास्थ्य पर और भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए यूरोपीय देशों की तर्ज पर कैंसर मरीजों को तीन समूहों में बांटकर प्राथमिकता तय कर उनका उपचार किया जा रहा है।
क्या करें
डबल मास्क व सैनिटाइजर के साथ ही घर से बाहर निकलें
सैनिटाइजर से कई लोगों को एलर्जी हो रही है, ऐसे में साबुन का इस्तेमाल करें
लोगों से हाथ बिलकुल न मिलाएं
कैंसर मरीज घर पर ही रहें, दवा तय समय पर लें
डॉक्टर के परामर्श पर ही दवाओं का प्रयोग करें