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Jammu Kashmir : रोहिंग्याओं को शादी करके घाटी में बसाने की साजिश, अब शासन ने की विस्तृत जांच की तैयारी

Thu, 21 Dec 2023 03:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

अब रोहिंग्याओं को शादी कर स्थायी रूप से यहां बसाने की साजिश की जा रही है। पुलिस के हाथ दर्जनभर से अधिक ऐसे मामले लगे हैं जिसमें रोहिंग्या महिलाओं की शादी विभिन्न जगहों पर कराई गई है।
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जम्मू के रोहिंग्या file pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतंकवाद, अलगाववाद की चुनौती से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर में अब एक नई साजिश ने जन्म लेना शुरू किया है। अब रोहिंग्याओं को शादी कर स्थायी रूप से यहां बसाने की साजिश की जा रही है। पुलिस के हाथ दर्जनभर से अधिक ऐसे मामले लगे हैं जिसमें रोहिंग्या महिलाओं की शादी विभिन्न जगहों पर कराई गई है। शादी के बाद इनके पैन कार्ड, आधार कार्ड व राशन कार्ड तक बनवाए जा रहे हैं। इस साजिश का पता लगते ही चौकन्ना पुलिस महकमा अब विस्तृत जांच करने की तैयारी में है ताकि इस साजिश की जड़ तक पहुंचा जा सके।

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सूत्रों ने बताया कि इस प्रकार के मामले बांदीपोरा, अनंतनाग, पुंछ, रामबन, किश्तवाड़, डोडा, जम्मू में सामने आ चुके हैं। पुंछ में तो एक रोहिंग्या ने स्थानीय गुज्जर युवती के साथ विवाह कर लिया। उसने अपने श्वसुर के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और अपने नाम तक राशन कार्ड में शामिल करा लिए। इसके लिए उसने स्थानीय पंच का भी इस्तेमाल किया। बांदीपोरा में भी पिछले दिनों दो विवाहित रोहिंग्या महिलाओं समेत पांच को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना था कि रोहिंग्या मंजूर आलम रैकेट चलाता है और वह रोहिंग्या महिलाओं की पैसे लेकर शादी करा देता है।

पुलिस की छानबीन में किश्तवाड़ के दच्छन इलाके में चार रोहिंग्या महिलाओं की शादी कराए जाने का पता चला। बताते हैं कि म्यांमार की महिला शहीना बेगम उर्फ होरिनिशा ने इनकी इलाके में शादी कराई है। इन महिलाओं ने डोमिसाइल तक हासिल कर लिए थे। आधार कार्ड, वोटर कार्ड और राशन कार्ड तक उनके पास थे। अनंतनाग में विवाह के बाद एक रोहिंग्या महिला को देह व्यापार के धंधे में झोंक दिया गया जो रामबन में पकड़ी गई। पुंछ, राजोरी में भी रोहिंग्या जाकर बस गए हैं।
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कार्रवाई के बाद बदला ठिकाना
मार्च 2021 में जम्मू में रोहिंग्याओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 250 रोहिंग्याओं को कठुआ में बने होल्डिंग सेंटर में बंद कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद जम्मू तथा आसपास के इलाकों में रह रहे रोहिंग्याओं ने भागकर दूरदराज के इलाकों में अपना ठिकाना बना लिया ताकि उन तक नजर न जा सके। इसके तहत डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, रामबन आदि इलाकों में काफी संख्या में जाकर रोहिंग्याओं के बसने की सूचना है। पुलिस के ताजा सर्वे में डोडा के भद्रवाह में पांच तथा गंदोह इलाके में चार रोहिंग्याओं व एक बांग्लादेशी महिला का पता चला। सूत्रों ने बताया कि जम्मू में 2021 में हुई कार्रवाई के बाद रातों रात बठिंडी, नरवाल आदि इलाकों से रोहिंग्या परिवार इधर उधर हो गए थे। कईयों ने सरकारी दस्वावेज बनवाकर अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की है।

एक नजर...

  • 13700 रोहिंग्या व बांग्लादेशी जम्मू-कश्मीर में
  • 6000 संख्या बढ़ी 2008 से 2016 के बीच

शादी के कहां कितने मामले मिले

  • डोडा 03
  • किश्तवाड़ 06
  • पुंछ 02
  • अनंतनाग 01
  • रामबन 02
  • बांदीपोरा 02
  • जम्मू 02

जांच में ऐसे कई मामले मिले हैं जिनमें रोहिंग्या युवतियों की स्थानीय युवकों के साथ शादी हुई है। सारे तथ्यों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या किसी साजिश के तहत ऐसे प्रयास किए गए हैं। साजिश में किसी गिरोह का तो हाथ नहीं है। ट्रैफिकिंग के एंगल से भी जांच जारी है। 

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-शक्ति पाठक, डीआईजी

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