पुलवामा में रातों-रात आरोपी का घर धराशायी
दिल्ली में लाल किले के पास विस्फोटकों भरी कार में धमाका करने वाले पुलवामा के डॉक्टर उमर नबी के मकान को सेना ने बृहस्पतिवार देर रात विस्फोटक लगाकर उड़ा दिया। इस कार्रवाई के पूर्व उसके परिजन अपने रिश्तेदार के यहां चले गए थे। अगल-बगल रहने वाले किसी भी व्यक्ति ने इस कार्रवाई का विरोध नहीं किया और न ही कोई बयान दिया।
डॉ. उमर नबी एक समय अपने अकादमिक क्षेत्र में मेहनती और होनहार के रूप में जाने जाते थे, लेकिन पिछले दो वर्षों में वे कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित हो गए थे। जांचकर्ताओं के अनुसार वे कई कट्टरपंथी सोशल मीडिया ग्रुप्स से जुड़े हुए थे।
एक अधिकारी ने बताया कि एक दिन पहले उमर के नेटवर्क 2900 किलोग्राम विस्फोटक पकड़ा गया था। इसके बाद वह डर गया। रविवार को वह फिरोजपुर झिरका से निकला और केएमपी मार्ग पर पहुंचा। यहां एक ढाबे पर उसने कार में ही रात बिताई।
बाद में वह फरीदाबाद पहुंचा। सुबह फरीदाबाद से दिल्ली की ओर निकल गया। 8.13 बजे दिल्ली की सीमा में दाखिल होने के बाद वह 8.20 बजे ओखला के एक पेट्रोल पंप पहुंचा। इसके बाद यह मयूर विहार, महारानी बाग, आश्रम, कनॉट प्लेस होता हुआ दोपहर को दरगह फेज इलाही की मस्जिद पहुंचा। यहां उसने रोड पर कार पार्क की और नमाज पढ़ने अंदर चला गया। बाद में वह 3.19 बजे सुनहरी बाग पहुंचा।
लालकिले बम धमाका के बाद आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर नबी का एक पैर का पंजा और इंजन के पुर्जों में चिपके मांस के टुकड़े ही मिले हैं। शरीर का बाकी हिस्सा विस्फोट में उड़ गया। पैर का पंजा आगे के टायर की व्हील के नीचे मिला था। इस पंजे और इंजन के पुर्जों से चिपके मिले मांस के टुकड़ों की डीएनए जांच से पता लगा कि मरने वाला उमर नबी ही था। पुलिस को उमर के शरीर के इन हिस्सों के अलावा मौके से कोई अंग नहीं मिला है। माना जा रहा है कि कुछ दूर जाकर गिरे अंगों को पंछी-जानवर खा गए होंगे। विस्फोटक के कार के पीछे की सीट पर रखे होने की बात कही जा रही है।