Saharanpur News: श्रीनगर में जैश-ए मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के आरोपी डॉ. आदिल अहमद ने करीब चार महीने तक वी ब्रॉस अस्पताल में काम किया था। उसकी नियुक्ति रोहतक से हुई थी। टीम ने अस्पताल से कई कागजात अपने कब्जे में लिए।
दिल्ली धमाके के बाद खुफिया एजेंसियां सहारनपुर में डेरा डाले हुए हैं। बृहस्पतिवार को फेमस अस्पताल के बाद शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने दिल्ली रोड स्थित वी-ब्रॉस अस्पताल में डॉ. आदिल अहमद का रिकॉर्ड खंगाला। चिकित्सक और स्टाफ से पूछताछ करने के बाद कुछ अहम दस्तावेज कब्जे में लिए गए।
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डॉ. आदिल अहमद
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. आदिल अहमद पर श्रीनगर में जैश-ए मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने का आरोप है। छह नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस सहारनपुर से डॉ. आदिल को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई थी। इसके बाद से जम्मू-कश्मीर पुलिस की समय-समय पर दस्तक हो रही है। उसके संपर्क में रहने वाले हर व्यक्ति की छानबीन की जा रही है।
बृहस्पतिवार देर शाम जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीआईजी ताहिर सज्जाद भट्ट ने टीम के साथ फेमस मेडिकेयर अस्पताल में पहुंचकर डॉ. आदिल को लेकर छानबीन की थी। अब दिल्ली रोड स्थित वी-ब्रॉस अस्पताल में भी जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईबी, एटीएस समेत स्थानीय पुलिस ने पहुंचकर जांच पड़ताल की।
डॉ. आदिल से जुड़ा रिकॉर्ड खंगाला गया। टीम ने चिकित्सक और स्टाफ से पूछताछ कर आदिल के व्यवहार और काम करने के बारे में जाना। उसकी नियुक्ति कैसे हुई और स्टाफ के प्रति कैसा रहता था। इस पर भी पूछताछ की गई।
24 नवंबर 2024 को हुई थी नियुक्ति : वाइस प्रेसिडेंट
वी-ब्रॉस अस्पताल की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. ममता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, आईबी, एटीएस, एलआईयू और क्राइम ब्रांच की टीम आई। टीम ने डॉ. आदिल को लेकर सवाल और कुछ रिकॉर्ड मांगा। उसकी नियुक्ति से संबंधित बातचीत की। व्यवहार और काम करने के बारे में भी पूछा गया। डॉ. ममता ने यह भी बताया कि हरियाणा के रोहतक में ऑस्कर ग्रुप का हेड ऑफिस है। ग्रुप के एचआर हेड डॉक्टरों की नियुक्ति करते हैं। डॉ. आदिल की नियुक्ति 24 नवंबर 2024 को हुई थी। वह चार लाख रुपये प्रति माह सैलरी पर था।