अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक)
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टेरर फंडिंग मामले में पूर्व मंत्री जतिंदर सिंह उर्फ बाबू सिंह सहित आठ लोगों के खिलाफ आरोप तये किए है। विशेष न्यायाधीश एनआईए जम्मू जतिंदर सिंह जमवाल ने सोमवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान ये फैसला सुनाया। इसमें मोहम्मद शरीफ शाह उर्फ शरीफुद्दीन उर्फ शरीफ बुखारी, फैयाज अहमद भट, मुबाशिर मुश्ताक, मोहम्मद रफीक, ऐजाज़ अहमद सयाम, फारूक अहमद नायकू, मोहम्मद अरशद और सैयद आशिक इलाही उर्फ उमर उर्फ मौलवी साहब शामिल हैं।
पेश किए चालान के अनुसार 31 मार्च 2022 को पुलिस स्टेशन गांधी नगर जम्मू में इस मामले की एफआईआर दर्ज की थी। बाद में मामले की जांच राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) जम्मू को स्थानांतरित कर दी गई थी। 24 सितंबर 2022 को जांच एजेंसी द्वारा दायर प्रारंभिक आरोप पत्र के अलावा इस मामले में अब तक चार पूरक आरोप पत्र दायर किए गए हैं।
जांच एजेंसी ने मामले में छह और लोगों को आरोपी बनाया हैं, जिससे मामले में कुल आरोपी लोगों की संख्या 18 हो गई हैं। मोहम्मद हुसैन खतीब उर्फ खतीब, किफ़ायत रिज़वी और तारिक अहमद उर्फ तारिक मुर्तजा उर्फ मुर्तजा उर्फ मुंतजिर तारिक वर्तमान में पाक अधिकृत कश्मीर में बसे हुए हैं। जांच और परीक्षण के उद्देश्य से उनकी उपस्थिति सुरक्षित नहीं की जा सकती है।
विशेष न्यायाधीश एनआईए जम्मू जतिंदर सिंह जमवाल ने सोमवार को एसआईए के लिए विशेष पीपी अनुज गुप्ता को सुना। उन्होंने कहा कि जैसा कि पहले ही देखा जा चुका है। विज़न-दस्तावेज़ में या अभियोजन पक्ष के दो वीडियो में ऐसा कुछ भी नहीं है कि आरोपी नंबर 2 ने आतंकवाद या किसी अन्य प्रकार की हिंसा के प्रयोग की वकालत की।