जम्मू। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लिए पेश बजट थर्ड जेंडर का भी ख्याल रखा है। उनके लिए खास ट्रांजिट आवास स्थापित होंगे, जिनमें 150-200 लोग रह सकेंगे। साथ ही सामुदायिक शौचालय और पशुधन यार्ड भी बनेंगे। अनाथ बच्चों के लिए वात्सल्य सदन शुरु किया जाएगा। बौद्धिक चुनौती वाले व्यक्तियों का खास ध्यान रखते हुए उनको निर्मया स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा। 1000 आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक बनाने का प्रावधान किया है।
जनजातीय आबादी को शहर से जोड़ने के लिए लिंक रोड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। साथ ही 250 छोटे ट्रैक्टर भी दिए जाएंगे। अनुसूचित जनजाति की बस्तियों में 70 हैंडपंप लगाए जाएंगे। स्मार्ट कार्ड उपलब्ध करवाने का प्रावधान भी किया है। प्रधानमंत्री आदि ग्राम आदर्श योजना के तहत 500 अनुसूचित जनजाति आबादी वाले 186 गांवों को कवर किया जाएगा। वर्ष 2024-25 के दौरान 10 दुग्ध गांवों को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री खाद्य अनुपूरक योजना के तहत परिवारों को प्रतिमाह मिलेंगे 10 किलों ज्यादा चावल
जम्मू-कश्मीर के बजट बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधान मंत्री खाद्य अनुपूरक योजना में आने वाले लोगों को तोहफा दिया है। इस योजना के तहत प्राथमिकता वाले परिवारों को प्रति माह सब्सिडी दरों के साथ अतिरिक्त 10 किलो चावल प्रदान किए जाएंगे। वहीं राशन लेने के लिए लाभार्थियों का ई-केवाईसी करवान जरूरी है।
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के अंतरिम बजट में मिट्टी कटाव को रोकने और जैव विविधता के संवर्धन के लिए 190 लाख पेड़ लगाने और कम लागत वाले 100 लाख हरित पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। शहरी स्थानीय निकायों के लिए कम से कम एक नगर वन, नगर वाटिका या एक इको पार्क बनाने की बात की है। जगलों के बाहर पेड़ों की संख्या में वृद्धि करने और आजीविका में सुधार के लिए स्थानीय, औषधीय और प्रजातियों महत्व वाले 10 लाख पौधे किसानों में वितरित किए जाएंगे। इको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए घराना, होकरसर और शालबुघ जैसे आर्द्रभूमियों में अवसंरचना का विकास किया जाएगा। वायु की गुणवत्ता की जांच के लिए जम्मू में सतत परिवेश वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की स्थापना की जानी की बात की गई है।