घटना के बाद मौके पर गांव के लोग
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जम्मू जिले के खौड़ के गांव मट्टू गांव में पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी कांस्टेबल सुनील मंगोत्रा के छोटे भाई धीरज पगोत्रा का शव बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में उसके घर से मिला। वह इंडियन रिजर्व पुलिस में तैनात था और हाल में ही छुट्टी पर घर आया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया।
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम धीरज की अपने बड़े भाई पुलिस कांस्टेबल सुनील पगोत्रा के घर से सीबीआई के जाने के बाद कहासुनी हुई थी। इसके बाद धीरज अपने घर ओल्ड मट्टू चला गया। बुधवार सुबह वह कमरे में मृत पाया गया।
खौड़ पुलिस ने अस्पताल में पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने 174 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मृतक के सगे दोनों भाई और चचेरे सभी भाई अलग-अलग सुरक्षाबलों में कार्यरत हैं।
धीरज की मौत से गांव में पसरा मातम सीबीआई कार्रवाई से आहत होने की चर्चा
खौड़ के गांव मट्टू में आईआरपी जवान धीरज पगोत्रा अपने माता-पिता के साथ अलग रहता था। उसकी मौत के बाद पूरे गांव में मातम है। माता-पिता, ताऊ-ताई सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। धीरज तीन भाइयों में सबसे छोटा था, बडे़ दोनों भाई शादीशुदा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार का पूरे क्षेत्र में सम्मान है।
उसके जिस बड़े भाई के सुनील के घर मंगलवार को सीबीआई ने छापेमारी की थी उसका निवास स्थान आधा किलोमीटर दूर है। सभी भाइयों के सुरक्षाबलों में कार्यरत होने के कारण आसपास के इलाके में परिवार की काफी प्रतिष्ठा थी। एसआई भर्ती घोटाले में भाई का नाम आने के बाद धीरज कुछ परेशान सा रहता था।
ग्रामीणों में चर्चा है कि सीबीआई छापे से आहत होकर धीरज ने अपनी जान दे दी। मृतक का अंतिम संस्कार दरिया चिनाब के किनारे पुलिस सम्मान के साथ किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।