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जम्मू-कश्मीर: जिंदगी बचाने के लिए ड्रोन से एक से दूसरे अस्पताल पहुंचा रहे खून, अबान ने किया नया अविष्कार

Mon, 17 Jul 2023 01:39 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

श्रीनगर के अबान हबीब ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में किए गए प्रारंभिक परीक्षण सफल रहे हैं। ड्रोन ने 70 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए 20 से 25 सैटेलाइट अस्पतालों को मुख्य अस्पताल से जोड़ा है।
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ड्रोन से ब्लड बैग की डिलीवरी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दुनिया में दूरी समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने में बड़ी बाधा है। ऐसे में कश्मीर के एक दूरदर्शी अविष्कारक ने बाधाओं को चुनौती देकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है। हम बात कर रहे हैं श्रीनगर के प्रतिभाशाली अबान हबीब की जिन्होंने एक ऐसा ड्रोन बनाया है, जो देशभर के अस्पतालों के बीच जीवन रक्षक रक्त को कुशलता से पहुंचाता है।

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विशेष रूप से देश के दूरदराज राज्यों में रक्त परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। कई वर्षों के शोध के बाद अबान ने एक ऐसा अविष्कार किया है, जिसमें अनगिनत लोगों की जान बचाने और प्राकृतिक आपदाओं और आपदाओं से ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच में सुधार करने की क्षमता है।

अबान ने बताया कि 2014 की भयावह बाढ़ को देखने के बाद दिमाग में अस्पतालों के बीच रक्त के नमूनों और पाउच के परिवहन के लिए एक समाधान विकसित करने का विचार आया। ड्रोन तकनीक को बेहतर बनाने के लिए जुट गया। 

हिमाचल में 20 से 25 सैटेलाइट अस्पतालों को जोड़ा

हिमाचल प्रदेश में किए गए प्रारंभिक परीक्षण सफल रहे, क्योंकि ड्रोन ने 70 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए 20 से 25 सैटेलाइट अस्पतालों को मुख्य अस्पताल से जोड़ा है। अब अबान का ड्रोन प्रयोग अंतरराज्यीय हो गया है।

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ड्रोन से शिमला के अस्पतालों को चंडीगढ़ से जोड़ा गया है। ड्रोन की 80 किलोमीटर प्रति घंटे की प्रभावशाली गति महत्वपूर्ण चिकित्सा आपूर्ति की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित करती है। इससे  किसी भी मरीज की जिंदगी बचाना आसान हो जाता है

हिमाचल के अनुभव का कश्मीर में मिलेगा लाभ

अबान ने युवाओं से कहा कि वे अपने जुनून, दृढ़ता और समर्पण से दुनिया में सार्थक बदलाव ला सकते हैं। कहा, परिस्थितियों ने मुझे पहले हिमाचल में ड्रोन की शुरुआत करने के लिए मजबूर किया ताकि इसके लाभों का विश्लेषण करने के बाद हम इसे कश्मीर में भी दोहरा सकें। दोनों राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियाँ जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त आधान उपलब्ध कराने में अनोखी चुनौतियाँ पेश करती हैं।

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