अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर में पहली बार होने वाले विधानसभा चुनाव में देश व दुनिया की नजरे हैं। इसको देखते हुए भाजपा ने चुनाव में क्षेत्रीय दलों को मात देने के उद्देश्य से रोडमैप तैयार कर काम करना शुरू कर दिया है।
पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह का हालिया जम्मू कश्मीर का दौरा भी उसी रोडमैप का ही हिस्सा था। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के तहत जम्मू कश्मीर में विस सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो गई है।
चुनाव विभाग मतदाता सूचियों को परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर तैयार करने में जुटा है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अगले साल 2023 में अप्रैल और मई में जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव तय हैं। जम्मू कश्मीर में कश्मीर संभाग में 47 और जम्मू संभाग में 43 सीटें हैं।
कश्मीर संभाग में जम्मू-कश्मीर के विधानसभा इतिहास में आज तक भाजपा कोई सीट नहीं जीत पाई है। हालांकि जम्मू संभाग भाजपा का मजबूत गढ़ बन चुका है। 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को जम्मू संभाग में ऐतिहासिक 25 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज हुई थी और भाजपा ने पीडीपी के साथ गठबंधन कर सरकार भी बनाई थी।
हालांकि 2018 में दोनों दलों में खटास आ गई और गठबंधन और सरकार दोनों टूट गए। पांच अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने संसद के दोनों सदनों में अनुच्छेद 370 और 35ए की समाप्ति का प्रस्ताव पारित करवाया।
जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। ऐसे में जम्मू कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए काफी अहम हैं। ऐसे में भाजपा मिशन 50 प्लस के तहत प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली सरकार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए रोडमैप बनाकर काम कर रही है।
रोडमैप के तहत जम्मू संभाग के पहाड़ी जिलों में राजोरी, पुंछ, रामबन, किश्तवाड़, डोडा के अलावा कश्मीर संभाग के पहाड़ी जिलों में बारामुला, अनंतनाग, बडगाम आदि में गैर कश्मीरी भाषी लोगों पर पार्टी खास फोकस कर रही है।
पहाड़ी भाषी लोगों को आरक्षण के अलावा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुई नौ सीटों पर जीत के लिए गुज्जर बक्करवाल व ओबीसी वर्ग के लोगों के हित में पार्टी काम कर रही है। केंद्रीय सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी पार्टी ने अपने रोडमैप में खास जगह दी है।
2014 के चुनाव में पीडीपी नंबर एक व भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी
जम्मू कश्मीर में 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 87 सीटों में भाजपा को 25 सीटों पर जीत दर्ज हुई थी। पीडीपी को 28, नेकां को 15 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को 12, जम्मू कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस को दो, सीपीआई एम को एक व पीडीएफ को भी एक सीट पर जीत मिली थी। तीनों सीटों पर निर्दलीय जीतने में सफल रहे थे।