फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: महबूबा के बयान पर गरमाई सियासत, रैना बोले- राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं में जहर घोल रहीं

Tue, 20 Sep 2022 05:22 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं के दिमाग में जहर घोल रही हैं। महबूबा ने कश्मीर में अपनी जमीन खो दी है ।वह इसे वापस पाने के लिए इस तरह की साजिश रच रही हैं।
विज्ञापन
Ravinder Raina and Mehbooba Mufti - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के महात्मा गांधी के लोकप्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम पर दिए गए बयान के बाद सियासत गरमा गई है। प्रदेश सहित देशभर में इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं के दिमाग में जहर घोल रही हैं।
विज्ञापन


रविंद्र रैना ने कहा कि उन्हें युवा दिमागों में जहर डालने वाली राजनीति से बचना चाहिए। महबूबा ने कश्मीर में अपनी जमीन खो दी है और घाटी के लोगों ने उन्हें खारिज कर दिया है। वह अपनी जगह वापस पाने के लिए इस तरह की साजिश रच रही हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस भजन से महात्मा गांधी ने पूरे देश को एकजुट किया था। स्कूली बच्चे 'लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी...' गाते हैं। इससे किसी से कोई आपत्ति नहीं रही है। यह देश सभी का है, सभी धर्मों के लोग - हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य का है। महबूबा को अल्लामा इकबाल की 'मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना' पढ़ना चाहिए।
विज्ञापन


क्या कहा था महबूबा मुफ्ती ने 

गौरतलब है कि महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को सोशल मीडिया पर गवर्नमेंट हाई स्कूल नागाम (कुलगाम) के एक वायरल वीडियो को शेयर करते हुए भजन गवाने को हिंदुत्व का एजेंडा करार दिया था।

उन्होंने लिखा, 'धार्मिक विद्वानों को जेल में डालना, जामा मस्जिद को बंद करना और यहां स्कूली बच्चों को हिंदू भजन गाने के लिए निर्देशित करना कश्मीर में भारत सरकार के वास्तविक हिंदुत्व एजेंडे को उजागर करता है। इन आदेशों को नकारना पीएसए और यूएपीए को आमंत्रित करता है। यह वह लागत है जो हम इस तथाकथित बदलता जम्मू-कश्मीर के लिए चुका रहे हैं।'

महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा, उसका क्या हुआ ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी, जिंदगी शम्मा की सूरत है खुदाया मेरी’ उसमें क्या बुराई थी। उसमें तो किसी मजहब का जिक्र नहीं था। उसे बंद किया और अब भजन गाने को कह रहे हैं। भजन की हम कद्र करते हैं, इज्जत करते हैं लेकिन मुसलमान बच्चों से भजन गवाना...। मेरा उनसे सवाल है कि वो करना क्या चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आप लोग गोडसे की पूजा करते हो जिसने गांधी जी की हत्या की। हमें गांधी जी का पाठ क्यों पढ़ाते हो। हम गांधी जी को जानते हैं और मानते भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें