रियासती सरकार में सहयोगी भाजपा ने आंखें तरेरते हुए पीडीपी के फैसलों पर राज्य कैबिनेट की बैठक में विरोध दर्ज कराया है। तमाम फैसलों के चलते लगातार हो रही किरकिरी तथा लोगों के आक्रोश से असहज पार्टी के मंत्रियों ने पुरजोर तरीके से इन फैसलों को उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई।
पार्टी ने साफ-साफ कहा कि फैसले लेने से पहले भाजपा को भी विश्वास में लिया जाना चाहिए। क्योंकि पीडीपी फैसले तो ले लेती है, लेकिन उसका असर तथा लोगों की नाराजगी पार्टी को झेलनी पड़ती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में पीडीपी कोटे के मंत्री जुल्फकार भाजपा मंत्रियों के निशाने पर रहे। उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह के नेतृत्व में पार्टी के मंत्रियों ने जनजातीय मामलों के मिनट्स में हेरफेर का मामला उठाया।
कहा कि जब भाजपा के राज्य मंत्री ने लिखित रूप में आपत्ति दर्ज कराई है कि बैठक में इस प्रकार का कोई फैसला नहीं किया गया है तो इस पर क्या कार्रवाई हुई। मिनट्स जारी करने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। अब तक मिनट्स क्यों नहीं रद्द किया गया। यदि मिनट्स रद्द नहीं हुए तो कब तक रद्द होंगे। मिनट्स में हेरफेर के लिए पीडीपी के एक कैबिनेट मंत्री की ओर इशारा भी किया गया।
सूत्रों ने बताया कि कोटरंका में एडीसी बैठाने के फैसले पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई। कहा गया कि पीडीपी कोटे के कैबिनेट मंत्री के यहां कोटरंका में एडीसी बैठा दिया गया तो फिर भाजपा कोटे के मंत्री के यहां कालाकोट में भी यह व्यवस्था करनी चाहिए थी। कोटरंका में एडीसी बैठाने से पहले फैसले की जानकारी तक नहीं दी गई। अब मामला भड़क गया है।