भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक डॉ. गगन भगत वीरवार को शेर-ए-कश्मीर भवन में डॉ. फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में नेकां में शामिल हुए। फारूक ने इनका स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कि इससे पार्टी को जम्मू में मजबूती मिलेगी।
भगत ने नेकां पर विश्वास जताते हुए कहा कि पार्टी ने सीमांत लोगों के लिए काम किया है। भरोसा दिलाया कि वह नेकां को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। भगत की हाल ही में विधानसभा भंग करने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया था, इसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इससे पहले उन्हें अनुशासनहीनता में निलंबित किया गया था।
निष्कासन के बाद भगत ने भाजपा के खिलाफ विरोध स्वर उगले थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि वह अनुसूचित जाति से हैं। इस वजह से उन्हें भाजपा में इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। भाजपा सौ फीसदी अनुसूचित जाति विरोधी है। इस दौरान नेकां के संभागीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा, डा. कमल अरोड़ा समेत अन्य नेता मौजूद थे।
दो दिन में तीन पूर्व विधायक हुए नेकां में शामिल
नेशनल कांफ्रेंस में बीते दो दिन में तीन पूर्व विधायक शामिल हुए। बुधवार को पीडीपी के पूर्व विधायक बशारत बुखारी व पीर मोहम्मद हुसैन श्रीनगर में पार्टी में शामिल हुए थे। वीरवार को जम्मू में गगन भगत ने दामन थामा। कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले नेकां रियासत में अपने को मजबूत स्थिति में करने के लिए ही इन नेताओं को शामिल करा रही है।