प्रति व्यक्ति औसत आय में राष्ट्रीय सालाना औसत में जम्मू-कश्मीर पिछड़ गया है। जम्मू-कश्मीर अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय की तरफ से जारी हुई 2022-23 की आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति मासिक आय 13812 रुपये और दैनिक आय 460 रुपये है।
पिछले सात सालों में औसत आय में प्रदेश में करीब छह फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार जम्मू कश्मीर में महंगाई की दर भी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई की दर औसत 2022 में 6.69 फीसदी रही है, जबकि जम्मू-कश्मीर में महंगाई की दर 6.88 फीसदी रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बेरोजगारी दर में 5.2 फीसदी की गिरावट आई है। श्रम बल भागीदारी दर बढ़कर 61.5 फीसदी हो गई है। विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत प्रदेश में 51004 इकाइयां स्थापित हुई हैं। इनमें 2.03 लाख युवाओं को रोजगार मिला है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन का दावा है कि वित्त वर्ष 2023-24 का अमृत काल का बजट ऑनलाइन जनगणना प्रबंधन प्रणाली के निर्माण के अलावा सभी कार्यालयों में ई-कार्यालयों का विस्तार करने और ई-गवर्नेंस पहल को मजबूत करेगा। सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के संबंध में नागरिक संतुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है।
त्वरित डिजिटल परिवर्तन और यूटी व्यवस्था द्वारा उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने से प्रशासन को अधिक खुला, पारदर्शी और नए वितरण मॉडल विकसित करने में मदद मिली है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लोग आसानी से ई-सेवाओं का उपयोग कर सकें।