धार्मिक पर्यटन के केंद्र हजरतबल में इन दो पार्टियों के बीच टक्कर है। इस चुनाव में यहां नारी ही निर्णायक पारी खेलेंगी। साल 2014 में आशिया महिला विधायक बनीं। यह सीट सात बार नेकां के कब्जे में रही है।
हजरतबल विधानसभा क्षेत्र का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हजरतबल दरगाह कश्मीर की कई ऐतिहासिक घटनाओं की गवाह रही है। इस चुनावी माहौल में यहां आने वाले नमाजियों में चुनाव को लेकर उत्सुकता बीते चुनाव से कहीं ज्यादा दिख रही है।
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लोग चुनाव में उम्मीदवारों के दावों और वादों पर बात करते दिखते हैं। लंबे समय से नेशनल कॉन्फ्रेंस का गढ़ रही हजरबतल सीट पर 2014 में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने कब्जा जमाया और आसिया नक्श यहां से पहली महिला विधायक बनीं। इस चुनाव में भी यहां नारी ही निर्णायक पारी खेलेंगी। क्योंकि विधानसभा सीट पर महिला वोटर पुरुषों की तुलना में ज्यादा हैं।
हजरतबल सीट पर दूसरे चरण में 25 सितंबर को मतदान होगा। यहां के चुनाव मैदान में 15 उम्मीदवार हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के बीच टक्कर रहने के आसार हैं। हालांकि इस बार निर्दलीय की चुनौती को भी कम नहीं आंका जा रहा है।
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लगातार सात बार इस सीट पर काबिज रही नेशनल कॉन्फ्रेंस के विजय रथ को 2014 में पीडीपी की आसिया नक्श ने रोका। उन्होंने 44.87 फीसदी वोट हासिल कर नेकां प्रत्याशी मोहम्मद सैयद अकून को हराया। यहां 59.11 फीसदी मतदान हुआ था। 2002 में यहां अभी तक की सबसे कम 7.12 फीसदी मतदान रहा।
इसमें नेकां मोहम्मद सैयद अकून ने जीत दर्ज की थी। 2008 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने यहां से चुनाव लड़ा और 44.6 फीसदी मत हासिल कर जीत हासिल की। यहां 28.91 फीसदी ही मतदान हुआ था। पहले चरण के मतदान में कश्मीर संभाग की सीटों पर हुई जमकर वोटिंग से लग रहा है कि इस बार हजरतबल सीट पर वोटिंग के सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे।
यहां मतदान प्रतिशत बढ़ने से प्रत्याशियों की चुनौती भी बढ़ेगी। नेकां ने इस बार सलमान सागर को उतारा है तो वही पीडीपी ने 2014 में यहां से विधायक रही आसिया नक्श पर दोबारा भरोसा जताया है। यहां पांच निर्दलीय मैदान में हैं जबकि पांच छोटे दलों के प्रत्याशी भी किसमत आजमा रहे हैं।
क्षेत्र के मुद्दे
समार्ट मीटर के बावजूद बिजली कटौती
ग्रामीण और शहरी सड़कें खस्ताहाल
सरकारी अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर नहीं
10 साल में ये मिला
दरगाह का विकास हुआ
पर्यटकों की संख्या बढ़ी
पर्यटन में स्थानीयों को रोजगार मिला