नागरिक सचिवालय जम्मू में आज से उपराज्यपाल के अभिभाषण के साथ विधानसभा का पहला बजट सत्र शुरू हो रहा है। 11 अप्रैल तक चलने वाले इस बजट सत्र में पहले दिन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर सरकार की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालेंगे।
बजट सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष में विशेष तौर पर पीडीपी कई विवादित मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है। इस बीच भाजपा के बाद रविवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और कांग्रेस की विधायक दल की बैठकों में भी सत्र को लेकर रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
विधानसभा परिसर के केंद्रीय कक्ष में उपराज्यपाल सोमवार सुबह 10 बजे अपना अभिभाषण शुरू करेंगे। सभी सदस्यों को पहले से ही कक्ष में उपस्थित रहने को कहा गया है। विधायकों को बताया गया है कि वे अभिभाषण के दौरान पूरी मर्यादा बनाए रखें और अभिभाषण को ध्यान से सुनें।
विधानसभा के जारी कार्यक्रम के मुताबिक 4 से 6 मार्च तक एलजी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और जवाब दिया जाएगा। 7 मार्च को मुख्यमंत्री 2025-26 का बजट और 2024-25 का अनुपूरक बजट पेश करेंगे। चूंकि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश है और सरकार के पास गृह विभाग नहीं है, ऐसे में विधायक गृह से जुड़े मामलों पर सवाल नहीं करेंगे।
प्रत्येक विधायक रख सकता है 20 प्रश्न
जम्मू-कश्मीर में सात साल के लंबे अंतराल के बाद बनी सरकार का यह दूसरा विधानसभा सत्र है। विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गांदरबल और बडगाम सीट से जीते थे। उनके बडगाम सीट छोड़ देने और नगरोटा सीट से विधायक रहे देवेंद्र सिंह राणा के निधन से दो सीटें खाली पड़ी हुई हैं।
प्रदेश की कैबिनेट में मुख्यमंत्री के साथ पांच मंत्री हैं। प्रत्येक विधायक 20 प्रश्न रख सकते हैं। बताया जा रहा है कि विधायकों की ओर से करीब 1300 सवाल दिए गए हैं। सत्तापक्ष में नेकां के 42 और विपक्ष में भाजपा के 28 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के छह विधायक हैं। इसके अलावा अन्य दलों और निर्दलीय विधायक भी हैं।