हाईकोर्ट ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट में मामलों की सुनवाई फिर से वर्चुअल मोड पर कर दी गई है। वहीं शारीरिक सुनवाई को लेकर भी जरूरी आदेश दिए गए हैं। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए दो दिन पहले ही कोर्ट को जानकारी देनी होगी। साथ ही दोनों पार्टियों के वकीलों की सहमति होनी जरूरी है कि वह शारीरिक सुनवाई के लिए आना चाहते हैं या नहीं।
संबंधित रजिस्ट्रार ऐसे मामलों की जानकारी देगा और इसकी सूची मुहैया कराएगा। हाईकोर्ट में भीड़ कम करने के लिए स्टाफ को भी रोटेशन में आने के लिए कहा गया है। 25 फीसदी स्टाफ रोटेशन में आएगा। हालांकि, घर रहने के बावजूद कर्मी अपना स्टेशन नहीं छोड़ेंगे और मोबाइल पर मौजूद रहेंगे। सोमवार को हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। जिला और सहयोगी अदालतों के लिए भी आदेश जारी किया गया है।
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किसी भी जरूरी मामले की सुनवाई वर्चुअल मोड से करने के लिए कहा गया है। शारीरिक सुनवाई बंद कर दी गई है। दोनों पार्टियों की सहमति लेने के लिए कहा गया है। आदेश में साफ कहा गया है कि सभी कर्मी और लोग मास्क पहनकर आएंगे और एसओपी का पालन करेंगे। बता दें कि फरवरी में ही मामलों की शारीरिक सुनवाई शुरू हुई थी। डेढ़ महीने के बाद ही फिर से वर्चुअल मोड पर सुनवाई होने लगी है।