एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर) 2021 के तहत जम्मू-कश्मीर में 40 फीसदी बच्चों या उनके माता-पिता के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। 2021 में ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में 70 फीसदी बच्चे डिजिटल डिवाइस का उपयोग नहीं करते हैं।
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों से शिक्षकों की फीडबैक लेगा। इसके लिए ऑनलाइन समीक्षा एप लांच किया है। लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 40 फीसदी बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। ऐसे में विभाग की बच्चों से शिक्षकों की ऑनलाइन फीडबैक लेने की योजना सिर्फ दावों तक ही सीमित रह जाएगी।
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एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर) 2021 के तहत जम्मू-कश्मीर में 40 फीसदी बच्चों या उनके माता-पिता के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। वहीं, 2021 में ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में 70 फीसदी बच्चे डिजिटल डिवाइस का उपयोग नहीं करते हैं।
ऐसे में बच्चे कैसे अपना फीडबैक दर्ज करवा सकेंगे। प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। बच्चों के पास डिजिटल डिवाइस नहीं हैं। ऐसे में फीडबैक देना उनके लिए संभव नहीं होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों का बच्चों से फीडबैक लेने के लिए ऑनलाइन एप ‘समीक्षा’ लांच किया है।
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एप के माध्यम से बच्चों से कुछ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका जवाब ऑनलाइन ही देना होगा। स्मार्टफोन नहीं होने से कोविड के दौरान भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। उसको देखते हुए विभाग ने रेडियो और टीवी क्लासेज शुरू की थीं।
विभाग की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इस प्रणाली से जोड़ा जा सके। कोविड के समय प्रदेश में काफी संख्या में बच्चों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध थे। बच्चे अपने अभिभावकों के मोबाइल से भी फीडबैक दर्ज करवा सकेंगे। - डॉ. रवि शंकर शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक, जम्मू