डीजीपी ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस कर्मियों को युवाओं को कट्टरता के रास्ते पर धकेलने वाले तत्वों के साथ सख्ती से निपटना चाहिए और युवाओं को आतंकवाद के रास्ते पर जाने से रोकना चाहिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इन गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ओजीडब्ल्यू नेटवर्क की गतिविधियों के खिलाफ सेना को अधिक सतर्क रहना होगा।
डीजीपी ने अधिकारियों को राजमार्ग पर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने पर जोर दिया। कहा कि जम्मू- कश्मीर पुलिस अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कई मोर्चों पर लड़ रही है और समय की जरूरत है कि राजमार्ग सुरक्षा ग्रिड को मजबूत और संवर्धित किया जाए।
बैठक में भाग लेने वाले अधिकारियों में आईजीपी कश्मीर विजय कुमार, कमांडर सेक्टर -1 ब्रिगेड विजय महादेवन, डीआईजी सीआरपीएफ दक्षिण कश्मीर डीपी उपाध्याय, एसपी अनंतनाग संदीप चौधरी, एसपी कुलगाम गुरिंदर पाल सिंह, एसपी अवंतीपोरा ताहिर सलीम, एएसपी अनंतनाग, एएसपी कुलगाम और अनंतनाग जिले के अन्य अधिकारी शामिल थे।