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जम्मू-कश्मीर: बर्फीले तूफान ने मचाई तबाही, एक बीएसएफ जवान लापता

Mon, 13 Jan 2020 06:11 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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बर्फीला तूफान - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा और गांदरबल जिले में हिमस्खलन ने कई घरों को चपेट में ले लिया। सेना और स्थानीय प्रशासन का बचाव अभियान जारी है। अभी तक पांच लोगों को बचाया जा चुका है। कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका है।
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बांदीपोरा जिले में गुरेज के दासी बक्तूर गांव में हिमस्खलन के चलते तीन घर बर्फ में दब गए हैं। साथ ही गांदरबल जिले के गगनगिर गांव में भी बर्फीले तूफान ने कई घरों को अपनी जद में ले लिया। इसमें अबतक बर्फ में दबे पांच लोगों को बचाया जा चुका है। वहीं अन्य लोगों की तलाश जारी है। सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा दोनों जिलों में बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
 

एलओसी के साथ नौगाम सेक्टर में सोमवार रात करीब आठ बजे बर्फीला तूफान आया। इस तूफान में बीएसएफ के सात जवान लापता हो गए। सेना ने राहत बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद छह जवानों को सकुशल बचाया गया। एक जवान अभी भी लापता है। लापता जवान की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। लापता जवान बीएसएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात है।
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उधर सोमवार सुबह से हो रही बारिश के कारण जम्मू में जनजीवन काफी अस्त व्यस्त हुआ। बारिश से ठंड काफी बढ़ गई है। लोगों को सारा दिन आग सेक कर समय व्यतीत करना पड़ा है। बाजारों में भी रौनक गायब ही रही। कम संख्या में लोग बाजारों में सामान खरीदने आए।
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वहीं, बारिश से सड़कों में पानी इकट्ठा हो गया। इस कारण शहर के डोगरा चौक, कनाल रोड, महेशपुरा चौक, पनामा चौक समेत अन्य जगहों में जल भराव रहा। इस कारण वाहन चालकों को वाहन चलाने में परेशानी आई है। दोपहिया वाहन चालकों को रुक-रुक कर वाहन चलाने पड़े। बारिश थमने के बाद ही वाहनों की आवाजाही हो पाई। बारिश के कारण सड़कों में पत्थर और रेत भी आ गई है। इस कारण भी दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होते रहे हैं। 

बारिश तेज होने के कारण वार्डों में गलियों का गंदा पानी रास्तों में बहा है। रेशमघर कालोनी में बारिश के कारण नाले का स्लैब ढह गया है। इस कारण आने जाने वाले लोगों को संभल कर गुजरना पड़ रहा है। स्लैब कभी भी नाले में गिर सकता है। यहां पर नाले के ऊपर स्लैब डालकर रास्ता बनाया गया है। 

सुबह के वक्त सड़कों में पानी भर जाने के कारण पैदल राहगीरों को भी परेशानी आई। जलभराव के कारण सड़क पार करने में मुश्किल हो गया। दोपहर बाद रेहड़ी लगाने वाले लोगों ने भी कामकाज बंद कर दिया। बारिश के कारण बाजारों में लोग कम पहुंचे। इस कारण दुकानदारों का धंधा भी मंदा ही रहा है।
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