महंत रोहित शास्त्री के अनुसार जम्मू में इस बार पुग्गे के व्रत पर चंद्रोदय रात्रि 8:41 पर होगा। जिसके बाद महिलाएं चंद्र के दर्शन कर अर्घ्य देकर फल ग्रहण कर सकती हैं।
पहले इस व्रत को किसने किया
महाभारत काल में श्रीकृष्ण की सलाह पर पांडु पुत्र धर्मराज युधिष्ठिर ने सबसे पहले संकट चौथ व्रत को ही रखा था। तब से लेकर अब तक सभी महिलाएं अपने पुत्र की सफ लता के लिए संकट चौथ व्रत रखती हैं।
डुग्गर संस्कृति में विशेष महत्व
डुग्गर संस्कृति में विशेष महत्व रखने वाला पुग्गे का व्रत मौसम के बदलाव से जुड़ा हुआ है। डुग्गर समाज में ऐसी मान्यता है कि पुग्गे के व्रत के साथ ही सर्दी में कमी आनी शुरू हो जाती है।