सिविल इंजीनियरिंग में माहिर थे, मालिक होते हुए भी खुद गाड़ियां ठीक करने लग जाते
दिवंगत देवेंद्र सिंह राणा कई भाषाओं को जानने के साथ सिविल इंजीनियरिंग में माहिर थे। उन्होंने 1986 में एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीएससी इंजीनियरिंग (सिविल) की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कामकाज में लग गए। आटोमोबाइल क्षेत्र में धीरे धीरे उनकी पकड़ मजबूत होती चली गई। उनके पास मारुति, टाटा, हार्ले डेविडसन सहित कई बड़ी कंपनियों की फ्रैंचाइजी थीं। वह एक आलराउंडर के रूप में माने जाते थे। डोगरा चौक पर एक डेढ़ साल रेस्टोरेंट चलाया। आटो मोबाइल क्षेत्र में वह ऐसी शख्सियत थी जो मालिक होकर भी खुद ही गाड़ियां धोने या ठीक करने में लग जाते थे। ऐसा करते हुए उन्हें कई बार लोगों ने देखा है। वह यह सब करके यह दिखाते थे कि मेहनत करके ही कुछ हासिल किया जा सकता है।