डॉ. निर्मल सिंह (पूर्व जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष )
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जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन एक्ट के लागू होने के बावजूद जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष पद पर 16 दिन तक बने रहे डॉ. निर्मल सिंह को पद मुक्त किए जाने का आदेश जारी हो गया है। डॉ. निर्मल सिंह के अनुसार उन्हें कानून, न्याय और संसदीय मामले विभाग का आदेश मिला है। इसके तुरंत बाद उन्होंने विधानसभा के वाहनों और आवास सुविधाओं को लौटाने दिया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी स्पीकर को आदेश जारी कर पद मुक्त करने की यह पहली घटना है।
जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन एक्ट को 30-31 अक्तूबर की मध्यरात्रि लागू किया गया था। इस एक्ट के लागू होते ही जम्मू-कश्मीर राज्य दो केंद्र शासित प्रदेशों में परिवर्तित हो गया। ऐसे में जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सारी शक्तियां स्वत: ही संसद को ट्रांसफर हो गईं। इधर, डॉ. निर्मल सिंह विधानसभा के पद पर दो सप्ताह से ज्यादा समय तक बने रहे। इस बीच उन्होंने विधानसभा परिसर में स्थित विस अध्यक्ष का दौरा भी किया था। उनके पद पर बने रहने को लेकर चर्चा भी खूब हुई।
अमर उजाला द्वारा पूछे जाने पर डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि उन्हें कानून, न्याय और संसदीय मामले विभाग का आदेश मिला है। इसके तुरंत बाद उन्होंने पद और इससे जुड़ी वाहन, आवास की सभी सुविधाएं छोड़ दी हैं। वह किसी विवाद में नहीं आना चाहते। लेकिन यह मामला भारतीय संविधान के बुनियादी ढांचे से जुड़ा हुआ है। आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ है। इसलिए इस मुद्दे पर बहस जरूर हो सकती है।