जम्मू-कश्मीर में कोविड़ वैक्सीन के निर्धारित लक्ष्य को समय सीमा में हासिल करने के लिए जोर दिया गया है। 20 फरवरी तक पंजीकृत हेल्थ केयर वर्कर्स (चिकित्सा कर्मियों) को वैक्सीन देना निर्धारित किया गया है। वैक्सीन के लिए कुल पंजीकृत 116129 कर्मियों में से अब तक 52 फीसदी ने ही वैक्सीन ली है। इन कर्मियों में अब व्यापक स्तर पर आंगनबाड़ी वर्करों को शामिल किया जा रहा है। इसी तरह वैक्सीन के लिए 270439 फ्रंटलाइन वर्कर पंजीकृत हैं। वि
भागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में वैक्सीन लेने वाले चिकित्सा कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में प्रतिदिन 14 से 18 हजार के बीच चिकित्सा कर्मियों के साथ फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जा रही है। फ्रंटलाइन वर्कर्स में पुलिस कर्मियों, अन्य सुरक्षाबल और सिविल प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। कश्मीर के कई जिलों में कम टीकाकरण अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
वहीं मार्च में सामान्य जनसंख्या को कोविड वैक्सीन देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें पचास वर्ष से अधिक आयु वर्ग और बीमार लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू के अनुसार शीघ्र सामान्य लोगों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें कोविड आधारित एक नई एप के माध्यम से लोगों को पंजीकृत किया जाएगा।
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वैक्सीन के लिए आगे आएं कर्मी : निदेशक
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. रेणु शर्मा ने बताया कि उन्हें वीरवार को कोविड की दूसरी वैक्सीन लगेगी और वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। कोविड वैक्सीन लेने से प्रदेश में कहीं से कोई बड़ा रिएक्शन का मामला सामने नहीं आया है। यह मानव जीवन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। सभी कर्मचारियों को वैक्सीन के लिए आगे आना चाहिए। इसमें कोई भ्रांति नहीं रखनी चाहिए। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। ये चिकित्सा कर्मियों के लिए सुनहरा मौका है कि वे निशुल्क वैक्सीन की सुविधा लेकर खुद और अपने परिवार के लिए स्वस्थ व सुरक्षित माहौल बनाएं।