आतंकियों के मूवमेंट की सूचना पर पुलिस ने वीरवार को अलगाववादी शब्बीर अहमद शाह सहित 20 घरों की तलाशी ली गई। पुलिस ने शाह की बेटी के उत्पीड़न के आरोपों का भी खंडन किया। कहा कि तलाशी अभियान के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया गया।
पुलिस ने बयान में कहा कि अलगाववादी शब्बीर शाह की बेटी द्वारा तलाशी अभियान के दौरान उत्पीड़न के आरोप वाले ट्वीट किए गए थे। उन्होंने कहा कि आतंकी मूवेंट की सूचना पर इलाके के 20 घरों की तलाशी ली गई। इसका जी-20 से लेना-देना नहीं है। इस दौरान किसी तरह का कोई उत्पीड़न/नुकसान नहीं हुआ।
महिला इसे बेवजह जी-20 से जोड़ रही है। इससे भी अजीब यह है कि एक पूर्व सीएम भी उनका समर्थन कर रही हैं। जबकि वह खुद आतंकी देखे जाने पर इलाका विशेष में इस तरह की कार्रवाई से वाकिफ थीं। पुलिस ने कहा कि सर्च टीम में तीन डीएसपी, तीन महिला अधिकारी के अलावा अन्य शामिल हैं।
पुलिस ने कहा, टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद एक अलगाववादी के परिवार द्वारा नियमित सुरक्षा उपायों को एक कार्यक्रम के लिए जिम्मेदार ठहराने के ऐसे प्रयास कुछ निहित स्वार्थी तत्वों की निराशा को दर्शाते हैं। इससे पहले, शाह की बेटी सहर शब्बीर ने ट्वीट में लिखा था, अगर यह जी 20 की वजह से था, तो यह उत्पीड़न का उच्चतम स्तर है।
मैं शब्बीर अहमद शाह की बेटी सहर शब्बीर शाह हूं, जिसने अपने जीवन के 36 साल कारावास में पूरे कर लिए हैं। एक अन्य ट्वीट में उसने लिखा था, जी20 शिखर सम्मेलन से पहले सेना, ब्लैक कैट कमांडो सहित सैनिकों ने लगभग 6:00 बजे हमारे घर पर छापा मारा।
उन्होंने बाइपास और हमारी कॉलोनी को ब्लॉक करने के लिए बख्तरबंद गाड़ियों का इस्तेमाल किया। हमारी सहायक अपने कमरे में थी जब उन्होंने हमारे किचन गार्डन के गेट को तोड़ दिया और किचन गार्डन से 20-25 लोग हमारे घर में घुस गए।
मेरी मां शाम 6 बजे असर की नमाज़ पढ़ रही थीं। सहर ने आगे लिखा, मेरी मां ने लॉबी का दरवाजा खोला तो वह अंगर आ गए। हर जगह तलाशी ली, ड्राइंग रूम का सामान नष्ट कर दिया।
महबूबा ने किया अलगववादी की बेटी का समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी ट्वीट कर लिखा, कश्मीर में जी 20 से ठीक पहले सुरक्षा बल घरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। लोगों की निजता का उल्लंघन कर रहे हैं।