सुरक्षाबलों के आतंक विरोधी अभियान में वर्ष 2022 में 42 विदेशियों समेत कुल 172 आतंकवादी मारे गए। एक वर्ष के भीतर कश्मीर में विभिन्न जगहों पर 93 जगहों पर मुठभेड़ हुई थी। इस बीच युवाओं की आतंकवादी संगठनों में शामिल होने की संख्या में 37 प्रतिशत गिरावट भी आई है।
एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि घाटी में आतंकवादियों ने 29 नागरिकों की जान ले ली थी। इसमें 21 स्थानीय थे जिनमें छह हिंदू, तीन कश्मीरी पंडित और 15 मुसलमान शामिल हैं। इसके अलावा आठ अन्य राज्यों के थे। इस साल आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के दौरान 360 हथियार जब्त किए गए। इनमें 121 एके सीरीज राइफलें, आठ एम4 कार्बाइन और 231 पिस्टल शामिल हैं। आईईडी, स्टिकी बम और ग्रेनेड की समय पर बरामदगी से बड़ी आतंकी घटनाएं टल गईं।
जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में 56 पाकिस्तानी समेत 186 आतंकी मारे गए। विभिन्न मुठभेड़ों में 159 को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में 'जीरो टेरर' गतिविधियां हासिल करने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
पुलिस प्रमुख ने कहा कि 146 पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त किया गया। इनमें चार से पांच सदस्य शामिल थे, जिन्हें लक्षित हत्याओं और ग्रेनेड-आईईडी हमलों को अंजाम देने का काम सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि इस साल जम्मू-कश्मीर में 100 युवा आतंकवाद में शामिल हुए।
जो कई सालों में सबसे कम है। उनमें से अधिकांश का सफाया कर दिया गया। सुरक्षा बल सक्रिय आतंकवादियों की संख्या को दो अंकों के आंकड़े तक लाने के लिए काम कर रहे हैं। जो वर्तमान में 100 से थोड़ा अधिक है।