जम्मू संभाग में लंपी वायरस से 111 पशुओं की मौत हो गई है। 17500 पशु बीमारी की चपेट में आए थे। इनमें से 7500 पशु ठीक भी हो चुके हैं। यह बात पशुपालन विभाग के निदेशक कृष्ण शर्मा ने तालाब तिल्लो में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पहले बीमारी का प्रकोप काफी बढ़ गया था मगर अब काबू में है। पशुओं का टीकाकरण हो रहा है।
जम्मू संभाग में भैंसों में लंपी वायरस के सात ही मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा गायों को बीमारी चपेट में ले रही है। बीमारी के दौरान पशुओं को चारा समय पर दें। उनका ध्यान रखें।
लंपी वायरस से ग्रस्त पशुओं का दूध पीया जा सकता है। हालांकि दूध को ज्यादा देर तक गर्म करने के बाद सेवन करें। जानवरों से बीमारी इंसान में नहीं आ रही है।
बीमारी की दस्तक पर पशुपालकों ने पशुओं को छोड़ना शुरू कर दिया है। शहरों में हालत यह है कि रात के समय पशुओं की संख्या बढ़ जा रही है। इस पर डिवकॉम ने बैठक की है। नगर निगम को पशुओं की पहचान कर वापस उनके मालिकों के पास सौंपने को कहा गया है।