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Lumpy Virus: जम्मू संभाग लंपी से 111 पशुओं की मौत, जम्मू कश्मीर में बीमारी से 17500 पशु ग्रसित

Sat, 27 Aug 2022 03:00 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

पशुपालन विभाग की मोबाइल टीमें घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया प्रदेश में 17500 पशु बीमारी की चपेट में आए थे। इनमें से 7500 पशु ठीक भी हो चुके हैं।
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लंपी से ग्रसित गाय। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू संभाग में लंपी वायरस से 111 पशुओं की मौत हो गई है। 17500 पशु बीमारी की चपेट में आए थे। इनमें से 7500 पशु ठीक भी हो चुके हैं। यह बात पशुपालन विभाग के निदेशक कृष्ण शर्मा ने तालाब तिल्लो में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पहले बीमारी का प्रकोप काफी बढ़ गया था मगर अब काबू में है। पशुओं का टीकाकरण हो रहा है।

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पशुपालन विभाग की ओर से मोबाइल टीमें घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। साथ ही बीमार पशुओं का उपचार भी किया जा रहा है। उन्होंने पशुपालकों से आह्वान किया है कि वे बीमारी के लक्षण जैसे चमड़ी खराब होना, आंखों से पानी आना, पशुओं को बुखार होने पर तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित करें।

ऐसे में पशुओं का उपचार समय पर शुरू होगा और मौत के मामलों में गिरावट आएगी। ऐसी जगहें जहां पर बीमारी ने दस्तक दी और पशुपालकों ने खुद अपने स्तर पर उपचार शुरू किया, वहां पर पशुओं की मौत का ग्राफ ज्यादा रहा है।
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पशुपालकों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर शुरू किए गए हैं। इसके अलावा चिकित्सकों की टीमें घर घर जा रही हैं। पशु डिस्पेंसरियों में चिकित्सक तैनात हैं। बीमारी की रोकथाम के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। 

सात भैंसे ही आईं बीमारी की चपेट में 

जम्मू संभाग में भैंसों में लंपी वायरस के सात ही मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा गायों को बीमारी चपेट में ले रही है। बीमारी के दौरान पशुओं को चारा समय पर दें। उनका ध्यान रखें। 

दूध को अच्छी तरह उबालकर  पिएं   

लंपी वायरस से ग्रस्त पशुओं का दूध पीया जा सकता है। हालांकि दूध को ज्यादा देर तक गर्म करने के बाद सेवन करें। जानवरों से बीमारी इंसान में नहीं आ रही है। 

लोग छोड़ रहे पशुओं को   

बीमारी की दस्तक पर पशुपालकों ने पशुओं को छोड़ना शुरू कर दिया है। शहरों में हालत यह है कि रात के समय पशुओं की संख्या बढ़ जा रही है। इस पर डिवकॉम ने बैठक की है। नगर निगम को पशुओं की पहचान कर वापस उनके मालिकों के पास सौंपने को कहा गया है।  

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