जीएमसी जम्मू में जेके मेडिकाॅन सम्मेलन शुरू
पहले दिन नैदानिक प्रथाओं में नैतिकता, संचार और सर्जिकल कौशल पर हुईं कार्यशालाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीएमसी जम्मू में वीरवार को शुरू हुई तीन दिनी जेके मेडिकान-2025 सम्मेलन के पहले दिन डाक्टरों को मरीज चिकित्सा देखभाल को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक चिकित्सा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उन्हें नैदानिक प्रथाओं में नैतिकता के टिप्स देकर सिखाया गया कि तरह मरीजों की अच्छी देखभाल की जाए।
अस्पतालों में आए दिन तीमारदारों, मरीजों और डाक्टरों के बीच हो रही झड़पों को कम किया जाए। इसमें डाक्टरों को मूल सिद्धांतों से भटकना नहीं चाहिए। इसके अलावा संचार और सर्जिकल कौशल में भी डाक्टरों को प्रशिक्षित किया गया।
पहले दिन तीन कार्याशालाओं में 190 डाक्टर और संकाय सदस्य शामिल है। सर्जिकल कौशल कार्यशाला में डम्मी सर्जरी में गायनी, सर्जरी, आरथोपेडिक्स, ईएनटी क्षेत्र के डाक्टरों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें सिखाया गया कि किस तरह से वे सर्जिकल क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा पद्धति से सुधार ला सकते हैं।
मुख्य अतिथि सर्जरी विभाग के एचओडी डा. रत्नाकर ने बताया कि आज आधुनिक तकनीक से कई छोटी सर्जरी बिना टांका लगाए की जा रही हैं, जिससे मरीजों को राहत रहती है। जेएंडके चिकित्सा परिषद के अकादमिक समिति व अनुशासन समिति के चेयरमैन डा. विशाल आर टंडन ने संचार कौशल पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि संचार कौशल को मजबूत बनाकर डाक्टर-मरीज के बीच रिश्ते को और मजबूत बनाया जा सकता है। ऐसे कौशल प्रशिक्षण में डाक्टरों को सिखाया गया कि वे किस तरह किसी मरीज को मृत घोषित करें, मरीज का स्टेट्स कैसे चेक करें आदि, ताकि बेहतर संचार से माहौल बेहतर बना रहे। इस दौरान जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता, चेयरपर्सन डा. जहूर हुसैन आदि मौजूद रहे। सम्मेलन के शुक्रवार को दोपहर 12 बजे औपचारिक उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला आदि मौजूद रहेंगे।