हर साल आयोजित होने वाले एतिहासिक झिड़ी मेले की तैयारियों को शुरू कर दिया गया है। मेला शुरू होने से पहले जिला उपायुक्त अवनी लवासा ने तमाम बंदोबस्त पूरा करने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर झिड़ी को जोड़ने वाली तमाम सड़कों को पक्का करने के लिए कहा गया है। मंगलवार जिला उपायुक्त ने मेले की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें मेले के दौरान बिजली, पानी, सफाई व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, खान पीन आदि को लेकर मंथन किया गया। यह मेला 8 नंबवर को शुरू होगा।
उन्होंने संबंधित विभागों को स्वच्छता पर सामाजिक संदेश को बढ़ावा देने और मंदिर और उसके आसपास सफाई बनाए रखने के लिए नीले और हरे रंग के कूड़ेदान लगाने का निर्देश दिया। आर एंड बी विभाग को मेला शुरू होने से पहले झिड़ी तक पहुंचने वाली सड़कों के ब्लैकटॉपिंग और उन्नयन कार्य को पूरा करने के लिए कहा गया। पीएचई विभाग को अतिरिक्त पानी की टंकियों और हैंडपंपों के प्रावधान के साथ कार्यक्रम स्थल की सफाई के लिए निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा।
बिजली विभाग को पूरे मेला स्थल पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के अलावा उचित रोशनी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यातायात अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान यातायात का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने और भक्तों की सुविधा के लिए उचित साइनबोर्ड लगाने का निर्देश दिया। खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की दरों और गुणवत्ता की जांच करने के लिए भी कहा। बता दें कि हर साल मेले का आयोजन होता है।
बाबा जित्तो की याद में लगता है मेला
झिड़ी में बाबा जित्तो का देवस्थान है। अपने हक के लिए बाबा जित्तो ने जान दी थी। उनकी याद में यह मेला आयोजित किया जाता है। जिसमें पंजाब, हरियाणा से बड़े स्तर पर लोग पहुंचते हैं। बाबा जित्तो एक किसान थे। जिन्होंने अपने हक के लिए जान दी थी। इसलिए किसान वर्ग उनको विशेष तौर पर मानता है और उनके मंदिर में आकर शीष झुकाता है। मेले में लाखों लोग पहुंचते हैं।