पंजाब के अमृतसर से वैष्णो देवी जा रही 76 यात्रियों से भरी बस मंगलवार सुबह 5 बजे के करीब झज्जर कोटली के पास पुल से 50 फीट नीचे गिर गई। हादसे में चालक सहित 10 यात्रियों की मौत हो गई। आठ ने मौके पर दम तोड़ दिया। एक की रास्ते में और एक की अस्पताल में मौत हो गई। 64 यात्री घायल हैं जिनका जीएमसी में इलाज चल रहा है। इनमें भी तीन की हालत गंभीर है। दो यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। मरने वाले और घायल सभी मूल रूप से बिहार के लखीसराय जिले के हैं और अभी अमृतसर में रह रहे थे।
मॉडिफाइड थी बस
दुर्घटना के पीछे सबसे बड़ा कारण 45 सीटर बस में 76 लोग बैठना और चालक का अपरिपक्व होना है। इस बस को मार्बल का काम करने वाला कारीगर चला रहा था। बड़ी बात यह कि बस मॉडिफाइड थी और इसे अमृतसर के प्रिंस ट्रांसपोर्ट से मांगकर ले जाया जा रहा था।
बस में दो नंबर मिलीं
हादसे के बाद मौके से पुलिस को दो नंबर प्लेट (यूपी 80 सीटी/0999 व यूपी 81 सीटी/3537)मिलीं। बस पर जो नंबर (यूपी 81 सीटी/3537) लगा था वो फर्जी निकला। जबकि (यूपी 80 सीटी/0999) का फिटनेस समाप्त हो चुका था। यह दोनों नंबर प्रिंस ट्रांसपोर्ट अलीगढ़ के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इस हादसे के सबसे बड़े जिम्मेदार आरटीए और ट्रैफिक पुलिस हैं। क्योंकि अमृतसर से लेकर जम्मू तक कई नाकों से यह बस गुजरी पर इसके कागज नहीं जांचे गए।
यहां तक की लखनपुर में फर्जी नंबर लगी इस बस की यात्रा कर पर्ची 1.46 बजे रात को कटी गई जबकि यह करीब दो किलोमीटर आगे पड़ते टोल से 1.33 बजे निकली। यात्री कर की पर्ची बाद में कैसे कटी यह भी सवालों घेरे में है और विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न है।
मुंडन कराने के लिए कटड़ा जा रहे थे
बता दें कि बिहार लखीसराय के बृज राम अपने पोते हिमांशु और पोती तान्या उर्फ लाडो का मुंडन कराने के लिए कटड़ा जा रहे थे। बृज राम के परिवार के 12 लोग थे। हालांकि तान्या और बृज राम घायल हैं।
हादसे की कई वजह बताई जा रही हैं। इसमें ब्रेक फेल होना, चालक को नींद आना और तेज गति से बस चलाना शामिल है। सबसे बड़ी वजह बस में जरूरत से अधिक सवारियां बिठाना शामिल है। 45 सीटर बस में चालक समेत 76 यात्री थे। हादसे से पहले बस एक ट्रक से टकराई। इसके बाद डिवाइडर के ऊपर से होकर पुल से नीचे चली गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया और जिसके बाद घायलों को जीएमसी भर्ती कराया गया।
मुख्य सचिव अरुण मेहता, डीजीपी दिलबाग सिंह, एडीजीपी मुकेश सिंह, मंडलायुक्त रमेश कुमार, डीसी जम्मू अवनी लवासा ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना। मुख्य सचिव ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया है कि घायलाें को निशुल्क उपचार दिया जाए।
राष्ट्रपति, उपराज्यपाल ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ समेत कई नेताओं ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। एलजी मनोज सिन्हा ने प्रत्येक मृतक परिवार को पांच-पांच लाख और घायलों को पचास,-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। बिहार के मुख्यमत्री नीतीश कुमार ने भी मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख की आर्थिक मदद का ऐलान किया है।
इनकी हुई मौत-
मृतकों में जूली देवी, ललिता देवी, 12 वर्षीय कृष शर्मा, अरविंदर शर्मा, बिमला देवी, फुल्ली देवी, कुंती देवी, कैलाश शर्मा, राजिंदर शर्मा और बस चालक गणेश शर्मा शामिल हैं।
घायलों की सूची-
रोहन शर्मा, मुन्ना शर्मा, शालू कुमारी, निशा कुमारी ,लव शर्मा ,बासो मिस्त्री , कुंती देवी, बातुल देवी, अभिषेक कुमार, हिमांशु शर्मा, बीबा शर्मा, दो वर्षीय बच्ची तानिया उर्फ लाडो ,जाना शर्मा, बनारसी शर्मा ,लक्ष्मण , दिनेश शर्मा ,राम दुलारी देवी , पिंटू कुमार,राधा देवी, प्रतिमा देवी, अभिषेक, नीतीश, पूनम शर्मा, रूबी देवी, नीतू देवी, पायल , शोभा , गीता देवी , विकास, प्रभा देवी, रविंदर पांडे, गोपाली मिस्त्री, चिंता देवी, बिट्टू, पंकज कुमार, नितिका , फूल देवी, अजय शर्मा, नागेश्वरी देवी, कैलाश शर्मा , सुशांत, रोहित शर्मा, अविनाश कुमार, प्रिंस, वीरेंद्र शर्मा, रयांश, पूजा शर्मा, बिमला देवी, मनोज शर्मा, प्रीति, विनेश शर्मा, राहुल, पांच वर्षीय बच्ची सोनी, राजेश शर्मा, मालती शर्मा, रूही, पूजा, कोमल शर्मा ,सरिता, रंजना, सोनू, राम बृज, सरजू देवी, अंकुश शर्मा।