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जम्मू: संपत्ति कर के खिलाफ चैंबर आफ कामर्स का बंद का आह्वान, ट्रांसपोर्ट संगठन ने किया किनारा

Fri, 10 Mar 2023 04:49 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

संपत्ति कर के खिलाफ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू ने 11 मार्च को जम्मू बंद की कॉल दी है। चैंबर के अनुसार सांकेतिक तौर पर चौबीस घंटे व्यापारी प्रतिष्ठान बंद रखे जाएंगे।
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Jammu - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में सुर्खियों में चल रहे संपत्ति कर के खिलाफ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू ने 11 मार्च को जम्मू बंद की कॉल दी है। चैंबर के अनुसार सांकेतिक तौर पर चौबीस घंटे व्यापारी प्रतिष्ठान बंद रखे जाएंगे। लेकिन चेतावनी भी दी कि अगर यूटी प्रशासन ने संपत्ति कर पर उचित फैसला नहीं लिया तो यह संघर्ष अनिश्चितकालीन किया जाएगा। ट्रांसपोर्टरों ने इस बंद के आह्वान से किनारा किया है।

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फिलहाल बंद को लेकर बार एसोसिएशन जम्मू अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। 

चैंबर प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा कि हितधारकों से बिना परामर्श किए संपत्ति कर को थोपा जा रहा है। पहले भी ऐसे कई फैसले लागू किए गए हैं। प्रशासन ने हितधारकों से कोई बात नहीं की है। यह नगर निगम, स्थानीय निकाय और नगर परिषदों का अधिकार है, लेकिन उन्हें भी विश्वास में नहीं लिया गया। 

संपत्ति कर का फैसला चुनी हुई सरकार द्वारा लिया जाना चाहिए था। प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों से टेबल पर कोई बात करने की कोशिश नहीं की। सरकार ग्रांट न होने की बात कह रही है, जबकि संपत्ति कर में संशोधन किया जा सकता है। इस कर पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। सरकारें व्यापारी वर्ग के कर पर चलती हैं। व्यापारी जीएसटी, आयकर सहित अन्य करों का भुगतान कर रहा है। आठ विभाग व्यापारियों के समर्थन से चल रहे हैं। लेकिन पिछले पंद्रह दिन से व्यवसायिक वर्ग पर कर की कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। 
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संपत्ति कर को लेकर असली स्थिति को लोगों से छुपाया जा रहा है। व्यापारी संगठनों की मांग पर जम्मू बंद की काल दी गई है। यह बंद यूटी प्रशासन की नीतियों के खिलाफ है। मैं ऐसे मुद्दों पर हर तरह का वाद विवाद करने के लिए तैयार हूं। विभिन्न विभागों की ओर से लोगों को वेबजह नोटिस दिए जा रहे हैं। यह व्यापार को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। प्रशासन पिछले दो साल से लीज डीड को बढ़ाने, खड्ड भूमि की स्थिति आदि मामलों पर कोई फैसला नहीं ले पाया है।

जिससे बाहरी निवेश नहीं आ रहा है। जबकि नए कर पर ही प्रशासन जोर दे रहा है। जम्मू बंद की काल पर बार एसोसिएशन जम्मू के पदाधिकारियों से बात हुई है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि चैंबर के फैसले के बाद वह फैसला लेंगे और हमें उम्मीद है कि उनका पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने टेबल बात के पक्ष का समर्थन किया है, हालांकि ऐसी परिस्थितियां नहीं है, जिसमें किसी से बात की जाए। ट्रांसपोर्टरों के साथ हमारी बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि उनका समर्थन मिलेगा।

'जम्मू का कोई सलाहकार नहीं'

चैंबर अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि यूटी प्रशासन में जम्मू का कोई सलाहकार नियुक्त नहीं है, जिससे हितधारक सही ढंग से अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। प्रशासन में कोई स्थानीय सलाहकार न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन पहले ज्वलंत मुद्दों का हल करे जिसके बाद संपत्ति कर पर सोचा जाए।
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