- उच्च न्यायालय ने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को दिया आदेश
- आरटीआई कार्यकर्ता बलविंदर सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई का मामला
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता को जीएमसी को आसपास के अस्पतालों से जोड़ने के लिए बनने वाले कॉरिडोर की डीपीआर बनाने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय ने ये निदेश मरीजों, डॉक्टरों और पैरा-मेडिक्स को हो रही समस्या को देखकर दिया है। आरटीआई कार्यकर्ता बलविंदर सिंह की जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय इस मामले में पहले भी कई बार निर्देश दे चुका है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने कोर्ट में डीपीआर दाखिल नहीं की। न ही वह व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। यह उच्च न्यायालय की अवहेलना है। सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने दावा किया कि बीते दिनों मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य अभियंता को अदालत पहुंचने में देर हो गई थी। आज वह अपनी रिपोर्ट के साथ खुद अदालत में मौजूद हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल पवन आइसक्रीम से शकुंतला थिएटर तक फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। इस फ्लाईओवर से जीएमसी भी महेशपुरा चौक के जरिए जुड़ेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद ही जीएमसी को दूसरे अस्पतालों से जोड़ने वाली परियोजना का काम शुरू किया जाएगा।
रिपोर्ट और मुख्य अभियंता के हलफनामे से अदालत ने पाया कि प्रस्तावित परियोजना बहुत बड़ी है और इसमें समय लगता है। इसलिए पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को निर्देश दिया गया कि जल्द से जल्द परियोजना की डीपीआर तैयार की जाए। अदालत ने मुख्य अभियंता को मामले की अगली सुनवाई पर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश भी दिया है। जेएनएफ