फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: हाईकोर्ट में जमानत अर्जियों का अंबार, न्यायाधीशों में बांटा काम

विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश की ओर से आदेश जारी, सभी को 15 से 20 अर्जियों पर सुनवाई करने के लिए कहा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हाईकोर्ट में सालों से लंबित जमानत अर्जियों पर अब प्रमुखता से सुनवाई होगी। ऐसे ही 221 मामलों की पहचान की गई है। ये मामले वर्ष 2023 तक के हैं, जिन पर दो से तीन सालों से सुनवाई नहीं हुई है।
इन मामलों को 13 न्यायाधीशों में बांट दिया गया है। हर न्यायाधीश 17 मामलों पर सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, ताकि लंबित मामलों पर तेजी से सुनवाई हो सके।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार न्यायाधीश सिंधु शर्मा, संजीव कुमार, रजनीश ओसवाल, विनोद चटर्जी कौल, संजय धर, पुनीत गुप्ता, जावेद इकवाल वानी, मोहम्मद अकरम चौधरी, राहुल भारती, मोक्शा खजूरिया काजमी, वसीम सदीक नरगल, राजेश सेखरी और मोहम्मद यूसुफ वानी को ये जिम्मेदारी दी गई है।
सौंपे गए मामलों की सुनवाई जजों की पीठों द्वारा व्यक्गित एवं वर्चुअल मोड के माध्यम से की जाएगी, जोकि रोस्टर में परिवर्तन के बावजूद पीठों की बैठने की उपलब्धता के स्थान के अनुसार होगी। सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट और सहयोगी अदालतों में बड़े स्तर पर जमानत अर्जियां लंबित हैं। इसके चलते लंबा चौड़ा बैकलाग बन गया। इसी को क्लीयर करने के लिए ऐसा किया गया है।
विज्ञापन



150 से 200वें नंबर पर सूचीबद्ध हो रहे थे मामले
हाईकोर्ट के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता असीम साहनी ने बताया कि जमानत अर्जियों के मामलों में देर से सुनवाई हो रही थी। उन्होंने रियासी के एक पटवारी पर रिश्वत मामले का हवाला देकर बताया कि उसको सीबीआई जज ने जमानत देने से इंकार कर दिया। जमानत के लिए कभी 150 तो कभी 200 नंबर दिया जा रहा था। इस पर सुनवाई नहीं हो रही थी। इसके बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में मामला लाया गया। इसमें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया गया कि जमानत अर्जी पर एक महीने में सुनवाई करनी है, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि वे इस मामले की जांच करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें