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Jammu News: एम्स विजयपुर में पैलिएटिव केयर पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आज से

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देश विदेश से 700 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे, उपराज्यपाल करेंगे उद्घाटन
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) विजयपुर में 31 जनवरी से 2 फरवरी तक साक्ष्य-आधारित उपशामक देखभाल (एविडेंस बेस्ड पैलिएटिव केयर) विषय पर भारतीय पैलिएटिव केयर एसोसिएशन (आईएपीसीओएन) के 32वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस वैश्विक मंच में देश विदेश से विशेषज्ञ, गणमान्य व्यक्तियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों सहित 700 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार की शाम 5 बजे सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
सम्मेलन में पैलिएटिव (उपशामक चिकित्सा) केयर के 20 से अधिक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संकाय सदस्य भाग लेंगे, जो यूनाइटेड किंगडम, युनाइटेड स्टेट आफ अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, केन्या और श्रीलंका जैसे देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। आयोजन का उद्देश्य उपशामक देखभाल में प्रगति और नवाचारों को बढ़ावा देना है, जिससे जीवन को सीमित करने वाली बीमारियों का सामना कर रहे रोगियों और परिवारों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
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एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रोफेसर डॉ. शक्ति कुमार गुप्ता ने उपशामक देखभाल चिकित्सा देखभाल का एक विशेष रूप है, जो लाइलाज या जीवन को सीमित करने वाली बीमारियों वाले व्यक्तियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य रोगियों और उनके परिवारों की शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जरूरतों को संबोधित करते हुए दर्द, लक्षणों और भावनात्मक संकट से राहत प्रदान करना है।
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आधुनिक चिकित्सा के भविष्य के आकार पर बात होगी
सम्मेलन में डॉ. नवीन सलिन्स भारत में उपशामक देखभाल अनुसंधान के भविष्य को आकार देने पर चर्चा का नेतृत्व करेंगे, जबकि डॉ. सुषमा भटनागर भारत में उपशामक देखभाल की आवश्यकता वाले प्रत्येक रोगी तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। वैज्ञानिक सत्र उपशामक देखभाल में मनोसामाजिक हस्तक्षेप और देखभाल की वापसी में नैतिक दुविधाओं जैसे प्रमुख विषयों को कवर करेंगे, जिसमें डॉ. सीमा राव और डॉ. राज कुमार मणि जैसे प्रसिद्ध विशेषज्ञ शामिल होंगे। दूसरे दिन उपशामक देखभाल में अंतः विषय सहयोग और वैश्विक दृष्टिकोण पर जोर दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. मेगन डोहर्टी और डॉ. फ्रैंक फेरिस द्वारा पूर्ण सत्र में उपशामक देखभाल को प्राथमिक देखभाल में एकीकृत करने और रोगी परिणामों को बेहतर बनाने के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। योग, संगीत चिकित्सा और साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोणों पर व्यावहारिक सत्र विविध शिक्षण अवसर प्रदान करेंगे। पोस्टर प्रस्तुतियां ज्ञान-साझाकरण को प्रोत्साहित करेंगी और नवाचार को प्रेरित करेंगी। सम्मेलन के अंतिम दिन प्रशामक देखभाल में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला जाएगा।
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