कठुआ, सांबा, जम्मू, राजोरी और पुंछ में आपात सेवाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर के विभिन्न हिस्सों में शनिवार की सुबह पाक गोलाबारी की दहशत का असर अस्पतालों पर भी दिखा। शहर के अस्पतालों की आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में सीमित मरीज पहुंचे। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से जम्मू संभाग के आईबी और एलओसी से सटे कठुआ, सांबा, जम्मू, राजोरी व पुंछ जिलों की आपात सेवाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है।
हालात अधिक खराब होने की सूरत में अस्पतालों की ओपीडी प्रभावित हो सकती है, जिसके चलते स्टाफ को आपात सेवाओं के लिए लगाया जाएगा। जीएमसी जम्मू में शनिवार से वरिष्ठ सलाहकार डॉक्टरों की चौबीस घंटे की रोस्टर ड्यूटी शुरू कर दी गई। आपात स्थिति में वरिष्ठ डाक्टरों की सेवाएं ली जाएंगी। पाक गोलाबारी से घायलों की बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए जीएमसी की इमरजेंसी में अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
इसमें जीवनरक्षक दवाओं के साथ अतिरिक्त चिकित्सा स्टाफ तैनात किया गया है। इमरजेंसी में सामान्य मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सामान्य वार्डों में शिफ्ट किया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को आपात प्रोटोकाल के तहत चिकित्सा सेवाएं दी जा रही हैं।