आईजीओटी प्लेटफार्म के तहत आनलाइन पाठ्यक्रम करेंगे, ईपीएम में आरक्षित होंगे दो अंक
लेखा एवं कोषागार संगठन के सहायक लेखा अधिकारी व उससे ऊपर स्तर के अधिकारी करेंगे कोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण (आईजीओटी) मिशन कर्मयोगी, भारत सरकार की व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण व कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों की क्षमता निर्माण को बढ़ाने की एक अहम पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य सभी स्तरों पर अधिकारियों को तेजी से बदलती दुनिया में सरकार की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करना है।
ये आनलाइन पाठ्यक्रम अधिकारी की तिमाही ईपीएम (कर्मचारी प्रदर्शन निगरानी) में शामिल किया जाएगा। ईपीएम में इस गतिविधि के लिए दो अंक आरक्षित रखे जाएंगे। निदेशक जनरल अकाउंट एंड ट्रेजरी वित्त विभाग की ओर से जारी एक आदेश में विभाग ने आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की है।
वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म पर 1500 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें से 40 पाठ्यक्रम वित्त/लेखा से संबंधित हैं। इन पाठ्यक्रमों से अधिकारियों के क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी। लेखा एवं कोषागार संगठन के सहायक लेखा अधिकारी व उससे ऊपर स्तर के अधिकारियों को आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराने तथा इसके लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। पाठ्यक्रम पूरा होने की जानकारी अधिकारियों द्वारा तिमाही ईपीएम रिपोर्ट में विशेष तिमाही की प्रगति रिपोर्ट भरते समय अंतिम कॉलम में दर्शाई जाएगी।
छह तिमाही के लिए कोर्स निर्धारित
2024-25 की तीसरी तिमाही के लिए निर्धारित कोर्सों में जीएफआर 2017- खरीद, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, और कार्यस्थल पर योगा ब्रेक-वाई। इसी तरह 2024-25 की चौथी तिमाही में वित्त एवं लेखा, अनुबंध प्रबंधन, जीएफआर 2017- प्रबंधन की सामान्य प्रणाली, साइबर स्पेस में सुरक्षित रहें, सूचना का अधिकार अधिनियम को समझना, सामान्य वित्तीय नियम, खरीद का तरीका (सेवा) शामिल हैं। 2025-26 की पहली तिमाही में माल और सेवाओं की खरीद, इनवॉइसिंग और भुगतान प्रक्रिया, बोली भागीदारी, उभरती हुई प्रौद्योगिकी का परिचय, किसी संगठन के लिए साइबर सुरक्षा के सर्वोत्तम अभ्यास, वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए आईटीआर दाखिल करना, नोटिंग और ड्राफ्टिंग शामिल हैं। 2025-26 की दूसरी तिमाही के लिए वित्तीय लेखांकन की मूल बातें, सार्वजनिक नीतियों के मूल सिद्धांत, खरीदारों के लिए भुगतान प्रक्रिया, अनुशासनात्मक मामलों में जांच का संचालन, सरकार में बजटीय प्रणाली, सरकारी ई-मार्केटप्लेस, खरीद सेवाएं (परामर्श/गैर-परामर्श) शामिल हैं। 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए कार्यों की खरीद, जीएसटी के तहत टीडीएस, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए पीपीपी, डीडीओ के लिए टीडीएस और खरीदारों के लिए जेम का परिचय, खरीद का तरीका (उत्पाद), साइबर सुरक्षा पर फाउंडेशन कोर्स शामिल हैं। इसी तरह 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए कार्यालय प्रक्रिया, जीएसटी के तहत कंपोजिशन स्कीम, समर्थ खरीद, खरीदारों के लिए इंटरमीडिएट लेवल 2 कोर्स, खरीदारों के लिए एडवांस कोर्स, वित्तीय विवरणों की समीक्षा और विश्लेषण और सरकारी लेखांकन का मूल सिद्धांत कोर्स हैं।