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Jammu: युवक की मौत के बाद हंगामा, शव लेने पहुंचे तो गेट बंद, परिजनों ने पुलिस पर लगाए फर्जी एनकाउंटर के आरोप

Fri, 25 Jul 2025 12:31 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू में क्रॉस फायरिंग में मारे गए युवक परवेज की मौत के बाद जीएमसी अस्पताल में परिजनों ने हंगामा कर पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया। तनाव बढ़ने पर अस्पताल को छावनी में बदल दिया गया और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
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फ्लाय मडाल में मारे गए युवक के पारजन आर पुलिस के बीच झड़प । - फोटो : अभिषेक बड़ू
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विस्तार
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क्रॉस फायरिंग में मारे गए युवक की मौत के बाद जम्मू का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया। मौत की खबर सुनते ही परिजन और बड़ी संख्या में रिश्तेदार जीएमसी पहुंचे। पहुंचते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इंसाफ की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने फर्जी रूप से युवक परवेज को मारा है। उनके उग्र होने पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।जैसे ही परिजन अस्पताल पहुंचे, उन्होंने इमरजेंसी में घुसने का प्रयास किया।

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जीएमसी की इमरजेंसी के अंदर जाते मृतक के परिजन को रोकते सुरक्षाकर्मी। - फोटो : अभिषेक बड़ू
पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उन्हें रोककर इमरजेंसी गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद वे शवगृह के बाहर पहुंचे, जहां पहले से तैनात पुलिस ने शवगृह के गेट को भी ताला लगा दिया। इस दौरान परिजनों और पुलिस के बीच कई बार धक्का-मुक्की हुई। देर रात तक तनाव बना रहा। अंततः देर रात डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। शव शुक्रवार की सुबह परिजनों को सौंपा जाएगा।

मृतक के भाई शवगृह के बाहर । - फोटो : अभिषेक बड़ू
मृतक परवेज के भाई मोहम्मद फारूक का कहना है कि परवेज गुरुवार शाम चार बजे अपने एक दोस्त के साथ घर से निकला था। वे छह भाई हैं और सभी ट्रैक्टर ट्रॉली से माल ढुलाई का काम करते हैं। परवेज भी काम के सिलसिले में ही निकला था।

शाम छह बजे उन्हें फलाएं मंडाल पुलिस चौकी से फोन आया कि परवेज की गोली लगने से मौत हो गई है।गुज्जर नेता तालिब हुसैन जीएमसी में एक ऐसी पोशाक पहनकर पहुंचे, जिस पर फर्जी एनकाउंटर के बारे में लिखा था। तालिब ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए सवाल किया, कब तक पुलिस चिट्टे के नाम पर फर्जी एनकाउंटर करती रहेगी? अब तक 10 युवाओं को इस तरह मार दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि परवेज पर नशा तस्करी की एक भी एफआईआर नहीं थी। मारने से पहले उस पर कोई मामला तो दर्ज कर लेते।

मृतक की पत्नी शवगृह के बाहर विलाप करती हुई। - फोटो : अभिषेक बड़ू
दो महीने पहले हुई थी शादी
मृतक परवेज की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। रोती-बिलखती उसकी पत्नी नीकू जीएमसी पहुंची और बार-बार पति का चेहरा देखने की मांग करती रही। शवगृह में ले जाने पर उसने पुलिस अफसरों से कहा, आपने गोली क्यों मार दी? ऐसे भी तो पूछताछ कर सकते थे। 

जीएमसी की इमरजेंसी के अंदर जाते मृतक के परिजन को रोकते सुरक्षाकर्मी। - फोटो : अभिषेक बड़ू
पुलिस की कार्रवाई और पूर्व घटनाएंपुलिस ने घटनास्थल की निशानदेही करते हुए एफएसएल की मदद से जांच के सबूत एकत्र किए। इस घटना के बाद मृतक के गांव करनाला चक में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि माहौल न बिगड़े, क्योंकि परिजन काफी आक्रोशित हैं।
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मृतक की पत्नी शवगृह के बाहर विलाप करती हुई। - फोटो : अभिषेक बड़ू
नशा तस्करी के मामलों में पुलिस की फायरिंग या क्रॉस फायरिंग की पहले भी कई वारदातें हो चुकी हैं। महज दो महीने पहले बाड़ी ब्राह्मणा में पुलिस की फायरिंग में एक आरोपित की मौत हुई थी। इससे पहले मीरां साहिब क्षेत्र में पुलिस पर तीन बार गोली चलाने की घटनाएं हो चुकी हैं।
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