जीएमसी जम्मू में मरीजों और तीमारदारों को पार्किंग के लिए जगह की समस्या से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। अस्पताल में आने वाले लोगों को वाहन पार्क करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, जीएमसी के शवगृह के पास निकास द्वार को बंद रखने से वाहन चालकों को अस्पताल के प्रवेश द्वार से ही बाहर निकलना पड़ रहा है।
इसकी वजह से जाम भी लग रहा है, जिसमें एंबुलेंस भी फंस रही हैं। इसकी वजह से शवों को भी शवगृह तक पहुंचाने में समय लग रहा है, लेकिन जीएमसी प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा। यानी आप जिस रास्ते अस्पताल में आए हैं, वहीं से जाएं, क्योंकि यहां नियम और सुविधा की बात मायने नहीं रखती।
जीएमसी में अपने मरीज को देखने आए रियासी निवासी यासिर ने कहा कि अस्पताल परिसर में पार्किंग के लिए जगह नहीं मिलने के कारण वह परेशान रहे। बाद में एक कोने में चारपहिया वाहन खड़ा करना पड़ा। साथ ही एक सदस्य को वहीं रुकना पड़ा, ताकि कोई वाहन लेकर न चला जाए। अगर अस्पताल के प्रवेश द्वार से वाहन भीतर आ रहे हैं, तो जीएमसी प्रशासन को कुछ वाहनों को शवगृह वाले निकास द्वार से निकालना चाहिए, ताकि जाम की समस्या से कुछ राहत मिल सके। प्रवेश द्वार से ही वाहनों का निकास होने से जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
निकास द्वार की सड़क पर बह रहा नालियों का पानी
जानीपुर निवासी सतपाल ने कहा कि शवगृह वाले निकास द्वार को बंद रखने की वजह से पोस्टमार्टम के बाद जाम वाले हिस्से से ही एंबुलेंस को बाहर लाना पड़ता है, जबकि शवगृह के कुछ ही मीटर पर निकास द्वार है। इसे बंद रखने का कोई मतलब नहीं है। निकास द्वार के मार्ग पर नालियों का पानी भी बह रहा है। वहीं, सड़क भी खस्ताहाल है। इससे निकास द्वार स्थित एएमटी स्कूल (पैरा मेडिकल प्रशिक्षण केंद्र) के विद्यार्थी भी परेशान हो रहे हैं।
बख्शी नगर की तरफ वाले गेट को खोलना बहुत जरूरी
कालू चक्क निवासी ब्रिज मोहन ने कहा कि जीएमसी प्रशासन को अस्पताल परिसर में पार्किंग के लिए जगह की व्यवस्था करने के साथ शवगृह वाले निकास द्वार को खोलना चाहिए, ताकि कुछ वाहनों की वहां से आवाजाही हो सके। इससे जाम की समस्या से निजात मिल सकती है। अगर बख्शीनगर की तरफ वाले गेट को खोल दिया जाए, तो एंबुलेंस के साथ अन्य वाहनों को वहां से भेजा जा सकता है।
बेवजह लोगों को किया जा रहा परेशान
सरवाल निवासी वासु का कहना है कि जीएमसी परिसर में पार्किंग के लिए जगह पाना बड़ी समस्या बन गई है। इसके साथ अस्पताल प्रशासन को निकास द्वार को खोलना चाहिए, ताकि वहां से वाहनों का फ्लो बढ़ सके। शवगृह की तरफ निकास द्वार को बंद रखने का कोई तुक नहीं है। बेवजह लोगों को परेशान किया जा रहा है। शवगृह के साथ ही कैंटीन, एएमटी स्कूल, ऑक्सीजन प्लांट, ड्रग स्टोर आदि हैं। अगर निकास द्वार को खोल दिया जाता है, तो सभी सेक्शन के लिए आवाजाही सरल हो जाएगी।