जीएमसी में एमबीबीएस दाखिले में फर्जीवाड़ा सामने आया है। दिव्यांगता के आधार पर दाखिला लेने आए दो उम्मीदवार जीएमसी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड में दिव्यांगता में अयोग्य मिले हैं। दोनों इसी आधार पर नीट (नेशनल एलेजिबिल्टी एंड कम एंट्रेस टेस्ट) से परीक्षा पास करने के बाद जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेस एग्जामिनेशन (बोपीईई) के माध्यम से जीएमसी जम्मू में एमबीबीएस के लिए दाखिला लेने पहुंचे थे।
इसमें एक छात्र ने फर्जी दिव्यांगता तो दूसरी छात्रा उम्मीदवार ने अपने दस्तावेजों में अस्थायी दिव्यांगता प्रमाणपत्र लगाया हुआ था। जीएमसी प्रशासन ने बोपीईई से दोनों छात्रों की दिव्यांगता योग्यता रद्द करने की सिफारिश की है, इसमें दोनों की सीटें रद्द हो सकती हैं।
चारों उम्मीदवारों का कालेज के मेडिकल बोर्ड द्वारा निरीक्षण किया गया, तो उसमें उक्त एक छात्र और एक छात्रा दिव्यांगता के आधार में अयोग्य मिले, जबकि दोनों को पुंछ सीएमओ द्वारा दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। 40 प्रतिशत दिव्यांगता के आधार को स्थायी माना जाता है, जिसके आधार पर आरक्षण दिया जाता है। बताया जाता है कि दिव्यांगता के आधार पर ही दोनों ने नीट से परीक्षा पास की है। सूत्रों ने बताया कि जीएमसी के इतिहास में पहली बार ऐसे दिव्यांगता प्रमाणपत्र के फर्जी मामले पकड़े गए हैं।
हमने दिव्यांगता योग्यता रद्द करने की सिफारिश की: प्रिंसिपल
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार काॅलेज के मेडिकल बोर्ड में उक्त दोनों छात्र दिव्यांगता में अयोग्य मिले हैं। हमने बोपीईई को दोनों उम्मीदवारों की दिव्यांगता योग्यता रद्द करने की सिफारिश की और दो नई सीटें मांगी हैं।
बोपीईई के कंट्रोलर डाॅ. सुनील गुप्ता का कहना है कि उक्त दोनों उम्मीदवारों की दिव्यांगता योग्यता रद्द करने के लिए जीएमसी प्रशासन ने सिफारिश की है और हम इस पर काम कर रहे हैं। जीएमसी को दो नई सीटें भेजी जाएंगी।
इस साल जीएमसी को आठ सीटें कम मिलीं
पिछले साल के मुकाबले वर्ष 2023-24 के लिए जीएमसी जम्मू को निर्धारित से आठ सीटें कम मिली हैं। इस साल 172 सीटों पर एमबीबीएस के दाखिले हो रहे हैं। इसमें दिव्यांगता के आधार पर चार सीटें आरक्षित हैं। पिछले साल जीएमसी ने निर्धारित 180 एमबीबीएस सीटों के बजाय 184 सीटों पर उम्मीदवारों के दाखिले कर दिए थे। इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (एनएमसी) ने इस साल आठ सीटों में कटौती की है। हालांकि पहले की चार अतिरिक्त सीटें और कम हुई सीटों की बहाली के लिए जीएमसी प्रशासन और जम्मू-कश्मीर सरकार प्रयास कर रही है।