जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) मध्य प्रदेश की जगह पंजाब से लाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए पूर्व में मध्य प्रदेश से समझौता किया गया था लेकिन वहां से यह मशीनें मंगाने में अधिक खर्च आ रहा है। इसे देखते हुए नए राज्य चुनाव आयुक्त ने इन्हें पंजाब से मंगाए जाने का सुझाव दिया है।
प्रदेश में जम्मू निकाय का कार्यकाल 14 नवंबर, 2023 को, जबकि श्रीनगर निकाय का कार्यकाल पांच नवंबर, 2023 को पूरा हो चुका है। अब इन चुनाव के लिए इंतजार किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में राज्य चुनाव आयुक्त का पद खाली होने से इसकी कवायद पर असर पड़ रहा था। अब उनकी तैनाती के बाद जम्मू-कश्मीर म्यूनिसिपल एक्ट-2000 के अंतर्गत यह चुनाव होने हैं। इसके लिए 77 वार्डों में से 72 के परिसीमन का कार्य हो चुका है।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर भी विचार हो रहा है। इसके बाद चुनाव होंगे। निर्वाचन विभाग ने इसे देखते हुए ईवीएम मध्य प्रदेश से मंगाने के लिए समझौता किया था, लेकिन अब वह खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। राज्य चुनाव आयुक्त शांतमनु का कहना है कि पंजाब पड़ोसी राज्य है। यहां से ईवीएम मंगाना खर्च कम करने में सहायक होगा।