संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। निजी स्कूलों में दाखिला फीस, किताबें और वर्दी को लेकर की जा रही मनमानी से अभिभावक बेबस हैं। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से नोटिस बाद आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर अभिभावकों ने प्रशासन और विभाग से सख्ती करने की मांग उठाई है।
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा तो किया था, लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ। उधर, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास अभिभावकों की ओर से शिकायत नहीं मिली है। अभिभावकों का कहना है कि विभाग अंजान बना हुआ है।
स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक जम्मू नसीम जावेद चौधरी ने कहा कि अभिभावकों के पास शिकायत करने के कई माध्यम हैं। उनकी पहचान गुप्त रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम निजी हितधारकों के साथ बैठक करेंगे।
बैठक में शामिल करे विभाग
अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी लाचार दिखाई दे रहे हैं। जांच के लिए टीम बनाए हैं, लेकिन उनकी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। अभिभावक सीधे तौर पर विभाग को शिकायत नहीं कर पा रहे है। ऐसे में आगामी शिक्षा विभाग व निजी स्कूल के साथ होने वाले बैठक में अभिभावक संघ को शामिल करना चाहिए।
-अमित कपूर अभिभावक एसोसिएशन अध्यक्ष जम्मू
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स्कूल प्रबंधन की ओर कहा गया कि स्कूल की किताबें व अन्य सामान चिह्नित दुकानों पर ही मिलेंगी। बच्चे के लिए करीब 4500 रुपए की किताबें खरीदी हैं। वहीं दूसरे बच्चे की किताब 4800 रुपए की मिली हैं। प्रशासन से अपील है कि इस पर कठोर कदम उठाएं।
-राजिंदर थापा, अभिभावक, तालाब तिल्लो
लगभग सभी निजी स्कूलों ने लूट मचा रखी है। इस बार नर्सरी कक्षा के लिए 4250 रुपए की किताबें दी जा रही हैं। पिछली वर्ष इन्हीं किताबों के दाम 2250 थे। फीस में भी हर साल 500 रुपए की बढ़ोत्तरी की जा रही है। साल भर में निजी स्कूलों की तरफ से अभिभावकों से लाख रुपए वसूल लिए जाते हैं। इनकी मनमानी पर सरकार भी मौन नजर आती है।
-नीलाम देवी, अभिभावक, जानीपुर
हमारे पास अगर ऐसी शिकायत आएगी तो हम उस पर सख्त कार्रवाई करेंगे। अभिभावकों से कहना चाहूंगा कि वे मुझे लिखित तौर पर शिकायत करें। इसके लिए निजी स्कूल व शिक्षा विभाग की बैठक जल्द ही की जाएगी।
-नसीम जावेद चौधरी, स्कूल शिक्षा निदेशक, जम्मू