शिक्षकों की कमी, सुविधाओं का अभाव बना रहा है खराब बोर्ड परिणाम का कारण
स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू की ओर से मांगी गई रिपोर्ट में खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्कूल बोर्ड की ओर से घोषित 10वीं और 12वीं के नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। सरकारी स्कूलों का निजी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन भी रहा है। हालांकि, जम्मू संभाग में ऐसे भी स्कूल हैं जहां दोनों कक्षाओं में शून्य उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज हुआ है। इसमें डोडा और रामबन जिले के स्कूल शामिल हैं।
शिक्षकों की कमी, सुविधाओं का अभाव खराब परिणाम का कारण बना है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मुख्य शिक्षा अधिकारियों से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी है। डोडा जिले के भागवा ब्लॉक के हायर सेकेंडरी स्कूल गुरमूल में कक्षा 12वीं की परीक्षा में 80 फीसदी बच्चे असफल रहे हैं।
11वीं और 12वीं कक्षा के लिए स्कूल में सिर्फ दो लेक्चरर हैं। स्कूल भवन तैयार है, लेकिन पैसा नहीं मिलने के कारण ठेकेदार ने ताला लगा कर रखा है। मामला प्रकाश में आने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी डोडा ने जांच शुरू कर दी है। भागवा ब्लॉक के हाई स्कूल धारौट में 10वीं के कुल नौ बच्चों में से सिर्फ दो छात्र ही सभी विषयों में पास हुए, जबकि सात बच्चे फेल हैं।
इसी तरह रामबन जिले के बनिहाल ब्लॉक के हाई स्कूल चंजलों में लगातार दूसरे वर्ष दसवीं कक्षा का बोर्ड परिणाम खराब रहा। 2024 में बोर्ड परीक्षा देने वाले 25 में से 24 बच्चे फेल हुए थे, जबकि 2025 में 12 बच्चे में से एक भी सफल नहीं हुआ।
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इन जिलों के कई स्कूलों का परिणाम 20 फीसदी से कम रहा
जम्मू संभाग के पुंछ, राजोरी, रियासी, कठुआ, सांबा, जम्मू और किश्तवाड़ जिले के कई स्कूलों का परिणाम 20 फीसदी से कम रहा है। स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू की संयुक्त निदेशक शुभा मेहता ने कहा कि सभी जिलों से स्कूल बार परिणाम की जानकारी मांगी थी, जो मिली है। इसकी जांच की जा रही है।