जम्मू संभाग के कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक के दौरान एसीएस फोटो सूचना विभाग
एसीएस शिक्षा ने गवर्नमेंट महिला कॉलेज परेड में जम्मू संभाग के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल के साथ किया मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नई शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने चार साल बाद भी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में मैसिव ओपन ऑनलाइन (मूक) कोर्स शुरू नहीं हो पाए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शांतमनु ने जम्मू संभाग के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल को मैसिव ओपन ऑनलाइन (मूक) कोर्स की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनमें बच्चे पढ़ाई कर सकें। शनिवार को इस संबंध में एसीएस ने गवर्नमेंट महिला कॉलेज परेड में बैठक की।
इसमें जम्मू संभाग के कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर एसीएस ने प्रिंसिपलों के साथ एनईपी के कार्यान्वयन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। निदेशक कॉलेज डॉ. शेख एजाज बशीर ने जम्मू संभाग के कॉलेजों की कार्यप्रणाली, ताकत, उपलब्धियों और मान्यता स्थिति के बारे में अवगत करवाया।
एसीएस शांतमनु ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उनमें नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने, छात्रों के स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण पर नजर रखने व समग्र विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण आवश्यक पर जोर दिया। चौथे वर्ष में एनईपी कार्यान्वयन के लिए रोडमैप पर चर्चा की।
शांतमनु ने निदेशक कॉलेज से कहा कि वे एनईपी की चुनौतियों का समाधान करने के लिए विश्वविद्यालयों के साथ इस मामले को गंभीरता से उठाएं। ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की पहचान करने के भी निर्देश दिए। निदेशक कॉलेज से बुनियादी ढांचे, संकाय और संसाधनों के संबंध में विस्तृत ब्यौरा मांगा। नामांकन में दौरान छात्रों को होने परेशानियों को दूर करने के लिए प्रिंसिपलों से सुझाव मांगे। सीयूईटी के संचालन और स्मार्ट पोर्टल से लंबी प्रवेश प्रक्रिया से छात्रों को होने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डाला।